बस, बहुत हुआ! अब नहीं चलेगी एयरलाइंस की मनमानी, बढ़ते हवाई किराए को लेकर सरकार सख्त

Airlines Fare: इंडिगो (Indigo) में ऑपरेशनल दिक्कत आने की वजह से धड़ाधड़ एक के बाद एक कई फ्लाइट्स कैंसिल हो गए. इससे यात्रियों को खूब परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एयरपोर्ट्स पर बड़े पैमाने पर लोग फंसे हुए हैं. इस मौके का एयरलाइन कंपनियों ने फायदा उठाया और हवाई सफर का किराया एक झटके में दस गुना बढ़ा दिया. अचानक किराए में हुई बढ़ोतरी में लगाम कसने के लिए अब मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (MoCA) को आगे आना पड़ा. हवाई किराए को कंट्रोल करने के लिए MoCA ने इमरजेंसी रेगुलेटरी पावर का इस्तेमाल किया. एयरलाइंस ने उठाया मौके का फायदा इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है, जो दिसंबर के पहले हफ्ते से ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना कर रही है. इसका खामियाजा हजारों की तादात में पैसेंजर्स को भुगतना पड़ रहा है. कई शहरों में फ्लाइट्स के कैंसिल या लेट होने की खबरें सामने आ रही हैं. इस आपदा को अवसर में बदलने के लिए कई एयरलाइन कंपनियों ने डोमेस्टिक फ्लाइट के रेट बढ़ा दिए. हवाई किराया रातोंरात आसमान छूने लगे और आखिरी मिनट में टिकट की कीमतें नॉर्मल लेवल से कहीं ज्यादा बढ़ गईं. इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय ने एक ऑफिशियल निर्देश जारी किया है, जिसमें सभी एयरलाइंस को ऑपरेशन के सामान्य होने तक प्रभावित रूट पर नए तय किराए की लिमिट का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है. सरकार ने उठाया कदम  सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ''सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने चल रही दिक्कत के दौरान कुछ एयरलाइनों द्वारा लिए जा रहे बहुत ज्यादा हवाई किराए से जुड़ी चिंताओं को गंभीरता से लिया है. यात्रियों को किसी भी तरह की मौकापरस्त कीमतों से बचाने के लिए मिनिस्ट्री ने सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराए पक्का करने के लिए अपनी रेगुलेटरी शक्तियों का इस्तेमाल किया है.'' मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि ये लिमिट तब तक लागू रहेंगी, जब तक हालात पूरी तरह से स्टेबल नहीं हो जाते. मिनिस्ट्री के मुताबिक, इस निर्देश का मकसद मार्केट में प्राइसिंग डिसिप्लिन को बनाए रखना, मुश्किल में फंसे यात्रियों का शोषण रोकना और यह पक्का करना है कि जिन लोगों को तुरंत सफर करने की जरूरत है – जिनमें सीनियर सिटिजन, स्टूडेंट्स और मरीज शामिल हैं – उन्हें इस दौरान पैसों की दिक्कत न हो. मंत्रालय ने यह भी कहा कि स्थिति उन पर नजर रहेगी. तय नियम के अलावा अगर कोई भी बदलाव किया गया, तो उसमें तुरंत सुधार की कार्रवाई की जाएगी.   ये भी पढ़ें: आपदा में अवसर! 80-90000 तक पहुंची फ्लाइट्स की टिकट, परेशान यात्रियों से मोटी रकम वसूल रहीं एयरलाइन कंपनियां 

Dec 6, 2025 - 20:30
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बस, बहुत हुआ! अब नहीं चलेगी एयरलाइंस की मनमानी, बढ़ते हवाई किराए को लेकर सरकार सख्त

Airlines Fare: इंडिगो (Indigo) में ऑपरेशनल दिक्कत आने की वजह से धड़ाधड़ एक के बाद एक कई फ्लाइट्स कैंसिल हो गए. इससे यात्रियों को खूब परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एयरपोर्ट्स पर बड़े पैमाने पर लोग फंसे हुए हैं.

इस मौके का एयरलाइन कंपनियों ने फायदा उठाया और हवाई सफर का किराया एक झटके में दस गुना बढ़ा दिया. अचानक किराए में हुई बढ़ोतरी में लगाम कसने के लिए अब मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (MoCA) को आगे आना पड़ा. हवाई किराए को कंट्रोल करने के लिए MoCA ने इमरजेंसी रेगुलेटरी पावर का इस्तेमाल किया.

एयरलाइंस ने उठाया मौके का फायदा

इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है, जो दिसंबर के पहले हफ्ते से ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना कर रही है. इसका खामियाजा हजारों की तादात में पैसेंजर्स को भुगतना पड़ रहा है. कई शहरों में फ्लाइट्स के कैंसिल या लेट होने की खबरें सामने आ रही हैं. इस आपदा को अवसर में बदलने के लिए कई एयरलाइन कंपनियों ने डोमेस्टिक फ्लाइट के रेट बढ़ा दिए.

हवाई किराया रातोंरात आसमान छूने लगे और आखिरी मिनट में टिकट की कीमतें नॉर्मल लेवल से कहीं ज्यादा बढ़ गईं. इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय ने एक ऑफिशियल निर्देश जारी किया है, जिसमें सभी एयरलाइंस को ऑपरेशन के सामान्य होने तक प्रभावित रूट पर नए तय किराए की लिमिट का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है.

सरकार ने उठाया कदम 

सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ''सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने चल रही दिक्कत के दौरान कुछ एयरलाइनों द्वारा लिए जा रहे बहुत ज्यादा हवाई किराए से जुड़ी चिंताओं को गंभीरता से लिया है. यात्रियों को किसी भी तरह की मौकापरस्त कीमतों से बचाने के लिए मिनिस्ट्री ने सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराए पक्का करने के लिए अपनी रेगुलेटरी शक्तियों का इस्तेमाल किया है.''

मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि ये लिमिट तब तक लागू रहेंगी, जब तक हालात पूरी तरह से स्टेबल नहीं हो जाते. मिनिस्ट्री के मुताबिक, इस निर्देश का मकसद मार्केट में प्राइसिंग डिसिप्लिन को बनाए रखना, मुश्किल में फंसे यात्रियों का शोषण रोकना और यह पक्का करना है कि जिन लोगों को तुरंत सफर करने की जरूरत है – जिनमें सीनियर सिटिजन, स्टूडेंट्स और मरीज शामिल हैं – उन्हें इस दौरान पैसों की दिक्कत न हो. मंत्रालय ने यह भी कहा कि स्थिति उन पर नजर रहेगी. तय नियम के अलावा अगर कोई भी बदलाव किया गया, तो उसमें तुरंत सुधार की कार्रवाई की जाएगी.

 

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