बंगाल चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए कौन जिम्मेदार? अधीर रंजन चौधरी ने खोला राज
West Bengal Exit Polls 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल ने सियासी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. 29 मार्च को जारी एग्जिट पोल में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया गया है. छह में से चार एग्जिट पोल में बीजेपी के सत्ता में आने की संभावना जताई गई है, जबकि दो सर्वे में टीएमसी की वापसी का अनुमान लगाया गया है. विपक्षी वोटों के बंटवारे का मुद्दा बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर तो है, लेकिन वह अलग-अलग विपक्षी दलों में बंट गई है. उनके मुताबिक, यह वोट कहीं बीजेपी, कहीं कांग्रेस, CPI(M), ISF या अन्य दलों में जा रहा है, जिससे नतीजों का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है. एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने एग्जिट पोल को पूरी तरह सटीक मानने से इनकार करते हुए कहा कि असली नतीजों के लिए 4 तारीख तक इंतजार करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में उनकी राय में “दीदी” यानी ममता बनर्जी की वापसी संभव है. सिलीगुड़ी से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष ने कार्यकर्ताओं से संयम रखने और नतीजों का इंतजार करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अभी जश्न मनाने का समय नहीं है, बल्कि सतर्क रहने का वक्त है. वहीं, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग और बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने दावा किया कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को बढ़त मिल रही है और वास्तविक नतीजे एग्जिट पोल से भी बेहतर हो सकते हैं. एग्जिट पोल ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है, लेकिन सभी राजनीतिक दल अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जो 4 मई को तस्वीर पूरी तरह साफ करेंगे. ये भी पढ़ें: बंगाल में दरक गईं दीदी, तमिलनाडु में विजय की ‘जय’... पढ़ें असम-केरल से पुडुचेरी तक का एग्जिट पोल
West Bengal Exit Polls 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल ने सियासी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. 29 मार्च को जारी एग्जिट पोल में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया गया है. छह में से चार एग्जिट पोल में बीजेपी के सत्ता में आने की संभावना जताई गई है, जबकि दो सर्वे में टीएमसी की वापसी का अनुमान लगाया गया है.
विपक्षी वोटों के बंटवारे का मुद्दा
बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर तो है, लेकिन वह अलग-अलग विपक्षी दलों में बंट गई है. उनके मुताबिक, यह वोट कहीं बीजेपी, कहीं कांग्रेस, CPI(M), ISF या अन्य दलों में जा रहा है, जिससे नतीजों का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है.
एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल
AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने एग्जिट पोल को पूरी तरह सटीक मानने से इनकार करते हुए कहा कि असली नतीजों के लिए 4 तारीख तक इंतजार करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में उनकी राय में “दीदी” यानी ममता बनर्जी की वापसी संभव है.
सिलीगुड़ी से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष ने कार्यकर्ताओं से संयम रखने और नतीजों का इंतजार करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अभी जश्न मनाने का समय नहीं है, बल्कि सतर्क रहने का वक्त है.
वहीं, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग और बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने दावा किया कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को बढ़त मिल रही है और वास्तविक नतीजे एग्जिट पोल से भी बेहतर हो सकते हैं. एग्जिट पोल ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है, लेकिन सभी राजनीतिक दल अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जो 4 मई को तस्वीर पूरी तरह साफ करेंगे.
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