फेक अकाउंट से साइबर ठगी का मामला, CBI ने दो बैंक अफसरों को किया गिरफ्तार

देश में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ा एक्शन लिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 2 बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने साइबर अपराधियों के साथ मिलकर MULE यानी फेक अकाउंट खुलवाए और उन्हें चलाने में मदद भी की, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी के पैसों के लेन-देन में किया गया. कौन-कौन थे बैंक अफसरसीबीआई की जांच में सामने आया है कि शालिनी सिन्हा, जो उस समय Canara Bank की पटना शाखा में असिस्टेंट मैनेजर थी और अभिषेक कुमार जो Axis Bank में बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट थे. इन दोनों बैंक अफसरों ने मिलकर साइबर फ्रॉड गैंग के साथ साजिश की. दोनों ने फर्जी या संदिग्ध खातों को खोलने, उन्हें एक्टिव करने और फिर ठगों को पैसे ट्रांसफर कराने में अहम भूमिका निभाई. जांच के दौरान डिजिटल सबूतों के आधार पर सीबीआई को ये भी पता चला है कि इन बैंक अधिकारियों ने ठगों को ये भी सलाह दी थी कि बैंकिंग सिस्टम में लगने वाले रेड फ्लैग से कैसे बचा जाए. इसके बदले में उन्हें quid pro quo यानी फायदा भी मिला. बैंक अधिकारियों ने आरोपियों को बचने के संभावित तरीकों के बारे में जानकारी दी. कब हुई गिरफ्तारीकेंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने दोनों आरोपियों को 24 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया. Canara Bank की असिस्टेंट मैनेजर शालिनी सिन्हा को वाराणसी से और Axis Bank में बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट अभिषेक कुमार को बेतिहा से पकड़ा गया. ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद दोनों को संबंधित कोर्ट में पेश किया जा रहा है. पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी CBI दरअसल इससे पहले भी CBI ने इसी मामले में देशभर में 61 ठिकानों पर छापेमारी की थी और 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी. अब एजेंसी ये भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से बैंक अधिकारी शामिल थे. ये भी पढ़ें 'हमारी कोई औकात नहीं', चीन ने 15 घंटे तक भारतीय व्लॉगर को हिरासत में रखा, न खाना दिया न पानी

Dec 25, 2025 - 11:30
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फेक अकाउंट से साइबर ठगी का मामला, CBI ने दो बैंक अफसरों को किया गिरफ्तार

देश में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ा एक्शन लिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 2 बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने साइबर अपराधियों के साथ मिलकर MULE यानी फेक अकाउंट खुलवाए और उन्हें चलाने में मदद भी की, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी के पैसों के लेन-देन में किया गया.

कौन-कौन थे बैंक अफसर
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि शालिनी सिन्हा, जो उस समय Canara Bank की पटना शाखा में असिस्टेंट मैनेजर थी और अभिषेक कुमार जो Axis Bank में बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट थे. इन दोनों बैंक अफसरों ने मिलकर साइबर फ्रॉड गैंग के साथ साजिश की. दोनों ने फर्जी या संदिग्ध खातों को खोलने, उन्हें एक्टिव करने और फिर ठगों को पैसे ट्रांसफर कराने में अहम भूमिका निभाई.

जांच के दौरान डिजिटल सबूतों के आधार पर सीबीआई को ये भी पता चला है कि इन बैंक अधिकारियों ने ठगों को ये भी सलाह दी थी कि बैंकिंग सिस्टम में लगने वाले रेड फ्लैग से कैसे बचा जाए. इसके बदले में उन्हें quid pro quo यानी फायदा भी मिला. बैंक अधिकारियों ने आरोपियों को बचने के संभावित तरीकों के बारे में जानकारी दी.

कब हुई गिरफ्तारी
केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने दोनों आरोपियों को 24 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया. Canara Bank की असिस्टेंट मैनेजर शालिनी सिन्हा को वाराणसी से और Axis Bank में बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट अभिषेक कुमार को बेतिहा से पकड़ा गया. ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद दोनों को संबंधित कोर्ट में पेश किया जा रहा है.

पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी CBI 
दरअसल इससे पहले भी CBI ने इसी मामले में देशभर में 61 ठिकानों पर छापेमारी की थी और 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी. अब एजेंसी ये भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से बैंक अधिकारी शामिल थे.

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'हमारी कोई औकात नहीं', चीन ने 15 घंटे तक भारतीय व्लॉगर को हिरासत में रखा, न खाना दिया न पानी

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