पीरियड्स में ब्लड के कलर से पता करें अपनी सेहत, ये है तरीका

Period Blood Health Indicators: हर महीने जब एक महिला को पीरियड्स होते हैं, तो यह केवल एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं होती, यह शरीर का एक ख़ास तरीका होता है यह बताने का कि अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं। लेकिन सवाल यह उठता है कि, क्या हम उस संकेत को समझ पाते हैं? हम में से अधिकतर महिलाएं पीरियड्स के समय सिर्फ दर्द, मूड स्विंग्स या ब्लीडिंग की मात्रा पर ध्यान देती हैं, लेकिन एक बात अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, ब्लड का रंग. यह रंग हल्का गुलाबी भी हो सकता है, गहरा लाल, भूरा या काला तक भी हो सकता है. इस पर डॉ. तान्या कहती हैं कि “पीरियड ब्लड का कलर महिलाओं की सेहत का सबसे सटीक इंडिकेटर है. अगर महिलाएं इसे समझना सीख जाएं, तो बहुत-सी बीमारियों और हार्मोनल समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है. तो आइए जानें, पीरियड ब्लड के रंगों का मतलब क्या होता है और वो आपकी सेहत के बारे में क्या बताते हैं. ये भी पढ़े- बरसात में बैंगन खाना क्या वाकई होता है खतरनाक? जान लीजिए जवाब चमकदार या गहरा लाल रंग अगर पीरियड ब्लड चमकदार या गहरा लाल है, तो यह सामान्य और हेल्दी संकेत है. इसका मतलब है कि ब्लड फ्लो रेगुलर है और आपके हार्मोन संतुलित हैं. यह रंग पीरियड्स के पहले दो दिनों में आमतौर पर देखने को मिलता है. हल्का गुलाबी या पतला ब्लड अगर ब्लड बहुत हल्का या गुलाबी रंग का है, तो यह आयरन की कमी, हार्मोनल असंतुलन या पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है. कई बार बहुत एक्सरसाइज़ करने वाली महिलाओं को भी ऐसा ब्लड दिखता है. गाढ़ा भूरा या काला ब्लड पीरियड की शुरुआत या अंत में यह रंग आम है, क्योंकि यह ‘पुराना ब्लड’ होता है जो शरीर से धीरे-धीरे बाहर निकलता है. लेकिन अगर ये रंग पूरे पीरियड्स में बना रहे, तो ये इन्फेक्शन या किसी अन्य गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. नारंगी या ग्रे रंग का ब्लड अगर ब्लड नारंगी या ग्रे दिखे और उसमें बदबू हो, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है, जैसे बैक्टीरियल वैजिनोसिस या एसटीडी. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है. थक्कों के साथ ब्लड थोड़े-बहुत थक्के आना सामान्य है, लेकिन अगर वे बड़े और बार-बार आएं, तो यह यूटेराइन फाइब्रॉइड्स या हार्मोनल इम्बैलेंस की ओर इशारा कर सकता है. ये भी पढ़ें: किस बीमारी से जूझ रहीं पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ की दोनों बेटियां, जानें ये कितनी खतरनाक? Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jul 11, 2025 - 14:30
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पीरियड्स में ब्लड के कलर से पता करें अपनी सेहत, ये है तरीका

Period Blood Health Indicators: हर महीने जब एक महिला को पीरियड्स होते हैं, तो यह केवल एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं होती, यह शरीर का एक ख़ास तरीका होता है यह बताने का कि अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं। लेकिन सवाल यह उठता है कि, क्या हम उस संकेत को समझ पाते हैं? हम में से अधिकतर महिलाएं पीरियड्स के समय सिर्फ दर्द, मूड स्विंग्स या ब्लीडिंग की मात्रा पर ध्यान देती हैं, लेकिन एक बात अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, ब्लड का रंग. यह रंग हल्का गुलाबी भी हो सकता है, गहरा लाल, भूरा या काला तक भी हो सकता है.

इस पर डॉ. तान्या कहती हैं कि “पीरियड ब्लड का कलर महिलाओं की सेहत का सबसे सटीक इंडिकेटर है. अगर महिलाएं इसे समझना सीख जाएं, तो बहुत-सी बीमारियों और हार्मोनल समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है. तो आइए जानें, पीरियड ब्लड के रंगों का मतलब क्या होता है और वो आपकी सेहत के बारे में क्या बताते हैं.

ये भी पढ़े- बरसात में बैंगन खाना क्या वाकई होता है खतरनाक? जान लीजिए जवाब

चमकदार या गहरा लाल रंग

अगर पीरियड ब्लड चमकदार या गहरा लाल है, तो यह सामान्य और हेल्दी संकेत है. इसका मतलब है कि ब्लड फ्लो रेगुलर है और आपके हार्मोन संतुलित हैं. यह रंग पीरियड्स के पहले दो दिनों में आमतौर पर देखने को मिलता है.

हल्का गुलाबी या पतला ब्लड

अगर ब्लड बहुत हल्का या गुलाबी रंग का है, तो यह आयरन की कमी, हार्मोनल असंतुलन या पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है. कई बार बहुत एक्सरसाइज़ करने वाली महिलाओं को भी ऐसा ब्लड दिखता है.

गाढ़ा भूरा या काला ब्लड

पीरियड की शुरुआत या अंत में यह रंग आम है, क्योंकि यह ‘पुराना ब्लड’ होता है जो शरीर से धीरे-धीरे बाहर निकलता है. लेकिन अगर ये रंग पूरे पीरियड्स में बना रहे, तो ये इन्फेक्शन या किसी अन्य गड़बड़ी का संकेत हो सकता है.

नारंगी या ग्रे रंग का ब्लड

अगर ब्लड नारंगी या ग्रे दिखे और उसमें बदबू हो, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है, जैसे बैक्टीरियल वैजिनोसिस या एसटीडी. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है.

थक्कों के साथ ब्लड

थोड़े-बहुत थक्के आना सामान्य है, लेकिन अगर वे बड़े और बार-बार आएं, तो यह यूटेराइन फाइब्रॉइड्स या हार्मोनल इम्बैलेंस की ओर इशारा कर सकता है.

ये भी पढ़ें: किस बीमारी से जूझ रहीं पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ की दोनों बेटियां, जानें ये कितनी खतरनाक?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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