पहले बच्चे के बाद दूसरी बार कब होना चाहिए प्रेग्नेंट, इसको लेकर क्या है WHO की राय?

WHO Guidelines on Second Pregnancy: पहला बच्चा पैदा होने के बाद माता-पिता के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि, दूसरा बच्चा कब होना चाहिए? कुछ लोग जल्दी दूसरा बच्चा चाहते हैं तो कुछ सालों का इंतजार करना बेहतर मानते हैं. लेकिन इस विषय पर सिर्फ परिवार या समाज की सोच ही मायने नहीं रखती, बल्कि चिकित्सकीय दृष्टिकोण भी बेहद ज़रूरी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, ताकि मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके. WHO की राय क्या है WHO के मुताबिक, पहले बच्चे के जन्म के बाद महिला को कम से कम 2 से 3 साल का अंतर रखना चाहिए. यह अंतर मां के शरीर को दोबारा स्वस्थ होने और पोषण स्तर को पूरा करने का पर्याप्त समय देता है. साथ ही अगले गर्भ में बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है. ये भी पढ़े- क्या धूप में ज्यादा वक्त बिताने से माइकल क्लार्क को हुआ स्किन कैंसर, जानें यह बीमारी कितनी खतरनाक? मां के स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है इंतजार? गर्भावस्था और डिलीवरी के दौरान महिला के शरीर से काफी पोषक तत्व और ऊर्जा खर्च हो जाती है. अगर महिला जल्दबाज़ी में दोबारा प्रेग्नेंट हो जाती है, तो उसके शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिलता. इससे एनीमिया, कमजोरी, हाई ब्लड प्रेशर और गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है. लंबे अंतराल से मां का शरीर फिर से मजबूत होता है और अगली प्रेग्नेंसी सुरक्षित रहती है. बच्चे के स्वास्थ्य पर असर WHO की गाइडलाइन के अनुसार, अगर गर्भधारण जल्दी हो जाए तो पहले बच्चे और दूसरे बच्चे दोनों की सेहत प्रभावित हो सकती है. जल्दी दूसरा बच्चा होने से अक्सर बच्चे का वजन कम रह जाता है. समय से पहले जन्म (Preterm Delivery) का खतरा बढ़ जाता है. बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी असर पड़ सकता है. मानसिक और भावनात्मक तैयारी डॉक्टरों का कहना है कि दूसरा बच्चा प्लान करने से पहले माता-पिता को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी तैयार होना चाहिए. पहले बच्चे की देखभाल, उसकी ज़रूरतें और नए जीवन की ज़िम्मेदारियाँ माता-पिता को कई बार थका देती हैं. ऐसे में जब तक मां-बाप खुद मानसिक रूप से तैयार न हों, तब तक दूसरा बच्चा प्लान करना उचित नहीं है. किन बातों का रखें ध्यान? डॉक्टर की सलाह जरूर लें और अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कराएं. संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से शरीर को मजबूत बनाएं. तनाव कम करें और नींद पूरी लें. पहले बच्चे की देखभाल के लिए पर्याप्त सपोर्ट सिस्टम तैयार रखें. ये भी पढ़ें: किडनी डैमेज हो गई तो सुबह उठते ही दिखते हैं ये 5 लक्षण, 99 पर्सेंट लोग कर देते हैं इग्नोर Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Aug 29, 2025 - 15:30
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पहले बच्चे के बाद दूसरी बार कब होना चाहिए प्रेग्नेंट, इसको लेकर क्या है WHO की राय?

WHO Guidelines on Second Pregnancy: पहला बच्चा पैदा होने के बाद माता-पिता के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि, दूसरा बच्चा कब होना चाहिए? कुछ लोग जल्दी दूसरा बच्चा चाहते हैं तो कुछ सालों का इंतजकरना बेहतर मानते हैं. लेकिन इस विषय पर सिर्फ परिवार या समाज की सोच ही मायने नहीं रखती, बल्कि चिकित्सकीय दृष्टिकोण भी बेहद ज़रूरी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, ताकि मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके.

WHO की राय क्या है

  • WHO के मुताबिक, पहले बच्चे के जन्म के बाद महिला को कम से कम 2 से 3 साल का अंतर रखना चाहिए.
  • यह अंतर मां के शरीर को दोबारा स्वस्थ होने और पोषण स्तर को पूरा करने का पर्याप्त समय देता है.
  • साथ ही अगले गर्भ में बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है.

ये भी पढ़े- क्या धूप में ज्यादा वक्त बिताने से माइकल क्लार्क को हुआ स्किन कैंसर, जानें यह बीमारी कितनी खतरनाक?

मां के स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है इंतजर?

  • गर्भावस्था और डिलीवरी के दौरान महिला के शरीर से काफी पोषक तत्व और ऊर्जा खर्च हो जाती है.
  • अगर महिला जल्दबाज़ी में दोबारा प्रेग्नेंट हो जाती है, तो उसके शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिलता.
  • इससे एनीमिया, कमजोरी, हाई ब्लड प्रेशर और गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है.
  • लंबे अंतराल से मां का शरीर फिर से मजबूत होता है और अगली प्रेग्नेंसी सुरक्षित रहती है.

बच्चे के स्वास्थ्य पर असर

  • WHO की गाइडलाइन के अनुसार, अगर गर्भधारण जल्दी हो जाए तो पहले बच्चे और दूसरे बच्चे दोनों की सेहत प्रभावित हो सकती है.
  • जल्दी दूसरा बच्चा होने से अक्सर बच्चे का वजन कम रह जाता है.
  • समय से पहले जन्म (Preterm Delivery) का खतरा बढ़ जाता है.
  • बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी असर पड़ सकता है.

मानसिक और भावनात्मक तैयारी

  • डॉक्टरों का कहना है कि दूसरा बच्चा प्लान करने से पहले माता-पिता को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी तैयार होना चाहिए.
  • पहले बच्चे की देखभाल, उसकी ज़रूरतें और नए जीवन की ज़िम्मेदारियाँ माता-पिता को कई बार थका देती हैं.
  • ऐसे में जब तक मां-बाप खुद मानसिक रूप से तैयार न हों, तब तक दूसरा बच्चा प्लान करना उचित नहीं है.

किन बातों का रखें ध्यान?

  • डॉक्टर की सलाह जरूर लें और अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कराएं.
  • संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से शरीर को मजबूत बनाएं.
  • तनाव कम करें और नींद पूरी लें.
  • पहले बच्चे की देखभाल के लिए पर्याप्त सपोर्ट सिस्टम तैयार रखें.

ये भी पढ़ें: किडनी डैमेज हो गई तो सुबह उठते ही दिखते हैं ये 5 लक्षण, 99 पर्सेंट लोग कर देते हैं इग्नोर

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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