पहलगाम नरसंहार के 1 साल: आतंकियों के NADRA कार्ड खोल रहे पाक के झूठ की पोल, इस्लामाबाद में बैठा प्रमुख हैंडलर अब भी फरार

One Year of Pahalgam Terror Attack: आज से एक साल पहले 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में लश्कर-ए-तैयबा के तीन पाकिस्तानी आतंकियों ने सरहद पार इस्लामाबाद में बैठे अपने आका हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली भाई के आदेश पर निहत्थे 26 मासूमों की जान ले ली थी. हालांकि, पाकिस्तान आज तक इस आतंकी हमले में अपने नागरिकों के शामिल होने के सबूतों को खारिज करता है, लेकिन ठीक एक साल बाद एक बार फिर एबीपी न्यूज सबूतों के साथ पाकिस्तान की पोल खोलने जा रहा है. हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली भाई के आदेश पर पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों में से एक था फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, जिसका असली नाम बिलाल अफजल था. पाकिस्तान के शेखपुरा जिले का रहने वाले बिलाल अफजल को साल 2019 में पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने पहचान पत्र जारी किया था, जिसका नंबर 35401-2607872-5 था. किन-किन आतंकी हमलों में शामिल था बिलाल अफजल? बिलाल अफजल नाम का ये आतंकी पहलगाम आतंकी हमले से पहले रियासी में आतंकी हमले, सुरनकोट आतंकी हमले, DKG आतंकी हमले, जेड मोड़ टनल आतंकी हमले, गगनगीर आतंकी हमले में भी शामिल था और पहलगाम आतंकी हमले से पहले हाशिम मूसा उर्फ आसिफ फौजी के साथ मिलकर आतंकी हमलों को अंजाम देता था. साथ ही पहलगाम आतंकी हमले में अकेले बिलाल अफजल उर्फ फैजल जट्ट उर्फ सुलेमान ने 11 मासूम लोगों की जान ली थी. यह भी पढ़ेंः 'हमारा एक ही पड़ोसी गड़बड़', राजनाथ सिंह से पाकिस्तान को सीधी चेतावनी, कहा- छेड़खानी की तो डॉट, डॉट, डॉट ताहिर ने पहलगाम में अपने पहले आतंकी हमले को दिया था अंजाम पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले दूसरे आतंकी का नाम था हबीब ताहिर उर्फ हबीब नजीर उर्फ छोटू. पाकिस्तान के पूछ जिले की रावलकोट तहसील के खोई गाला गांव के रहने वाले हबीब नजीर को पाकिस्तान की NADRA ने 82303-2946660-3 का पहचान पत्र (CNIC) जारी किया था. हबीब ताहिर पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पहले खुफिया विभाग या फिर सेना या फिर पुलिस के रिकॉर्ड्स में नहीं था और माना जा रहा है की पहलगाम आतंकी हमला पहला आतंकी हमला था, जिसे इसने बिलाल अफजल उर्फ फैज़ल जट्ट उर्फ सुलेमान के साथ मिलकर दिया था. तीसरे आतंकी हनान जफर की आईडी ढूंढ रहीं जांच एजेंसियां हमले में शामिल तीसरे आतंकी हनान जफर उर्फ हमजा अफगानी के NADRA द्वारा जारी किया गया कार्ड अभी फिलहाल जांच एजेंसियों के हाथ नहीं लगा है. पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले इन तीनों आतंकियों को भारतीय सेना ने 28 जुलाई, 2025 को मार दिया था. जिसके बाद सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने बिलाल अफजल और हबीब नजीर उर्फ हबीब ताहिर का आईडी कार्ड अपने डेटाबेस से डिलीट कर दिया था, लेकिन दोनों आइडेंटिटी कार्ड को भारतीय खुफिया विभाग ने ढूंढ निकाला था, साथ ही इनका वेरिफिकेशन भी करवा दिया था. पहलगाम हमले पर दुनिया से लगातार झूठ बोल रहा पाकिस्तान पाकिस्तान जो पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही दुनिया से झूठ बोल रहा है कि आतंकी हमले को उसने अंजाम नहीं दिया, लेकिन उसके झूठ की पोल खुद NADRA की ओर से जारी किए गए आइडी कार्ड दे रहे हैं. जिनके आइडेंटिटी नंबर आतंकियों के पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि कर रहे हैं. साथ ही, तीसरे आतंकी हनन जफर की मौत के बाद जब नवंबर को उसके परिवार को पता चला कि हनन जफर उर्फ हमजा अफगानी ऑपरेशन में महादेव में मारा गया है, तो हनन के परिवार ने PoK के चोकियां केंद्रीय काउंसिल में उसकी गबियाना नमाज रखी थी. लश्कर के हैंडलर हबीबुल्लाह की पहचान भी एजेंसियों ने निकाली पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले इन तीनों आतंकियों का हैंडलर लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली साजिद उर्फ सलीम लंगड़ा था, जिसे पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने साल 2020 में पहचान पत्र जारी किया था और इसका नंबर 35103-5182811-5 है. साथ ही, हबीबुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट के NADRA कार्ड की Verisys वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी एबीपी न्यूज के पास मौजूद है, जिससे स्पष्ट हो रहा है कि हबीबुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट अभी भी इस्लामाबाद में छुपा हुआ है. ऐसे में देखना होगा कि आखिर 26 मासूम लोगों की जान लेने का आदेश देने वाला ये आतंकी कब तक इसी तरफ खुलेआम पाकिस्तान में घूमता रहता है. यह भी पढ़ेंः भारत आ रहे जहाज समेत 2 को आईआरजीसी ने होर्मुज के पास किया जब्त, अब ले जाया जा रहा ईरान

Apr 22, 2026 - 22:30
 0
पहलगाम नरसंहार के 1 साल: आतंकियों के NADRA कार्ड खोल रहे पाक के झूठ की पोल, इस्लामाबाद में बैठा प्रमुख हैंडलर अब भी फरार

One Year of Pahalgam Terror Attack: आज से एक साल पहले 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में लश्कर-ए-तैयबा के तीन पाकिस्तानी आतंकियों ने सरहद पार इस्लामाबाद में बैठे अपने आका हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली भाई के आदेश पर निहत्थे 26 मासूमों की जान ले ली थी. हालांकि, पाकिस्तान आज तक इस आतंकी हमले में अपने नागरिकों के शामिल होने के सबूतों को खारिज करता है, लेकिन ठीक एक साल बाद एक बार फिर एबीपी न्यूज सबूतों के साथ पाकिस्तान की पोल खोलने जा रहा है.

हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली भाई के आदेश पर पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों में से एक था फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, जिसका असली नाम बिलाल अफजल था. पाकिस्तान के शेखपुरा जिले का रहने वाले बिलाल अफजल को साल 2019 में पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने पहचान पत्र जारी किया था, जिसका नंबर 35401-2607872-5 था.

किन-किन आतंकी हमलों में शामिल था बिलाल अफजल?

बिलाल अफजल नाम का ये आतंकी पहलगाम आतंकी हमले से पहले रियासी में आतंकी हमले, सुरनकोट आतंकी हमले, DKG आतंकी हमले, जेड मोड़ टनल आतंकी हमले, गगनगीर आतंकी हमले में भी शामिल था और पहलगाम आतंकी हमले से पहले हाशिम मूसा उर्फ आसिफ फौजी के साथ मिलकर आतंकी हमलों को अंजाम देता था. साथ ही पहलगाम आतंकी हमले में अकेले बिलाल अफजल उर्फ फैजल जट्ट उर्फ सुलेमान ने 11 मासूम लोगों की जान ली थी.

यह भी पढ़ेंः 'हमारा एक ही पड़ोसी गड़बड़', राजनाथ सिंह से पाकिस्तान को सीधी चेतावनी, कहा- छेड़खानी की तो डॉट, डॉट, डॉट

ताहिर ने पहलगाम में अपने पहले आतंकी हमले को दिया था अंजाम

पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले दूसरे आतंकी का नाम था हबीब ताहिर उर्फ हबीब नजीर उर्फ छोटू. पाकिस्तान के पूछ जिले की रावलकोट तहसील के खोई गाला गांव के रहने वाले हबीब नजीर को पाकिस्तान की NADRA ने 82303-2946660-3 का पहचान पत्र (CNIC) जारी किया था. हबीब ताहिर पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पहले खुफिया विभाग या फिर सेना या फिर पुलिस के रिकॉर्ड्स में नहीं था और माना जा रहा है की पहलगाम आतंकी हमला पहला आतंकी हमला था, जिसे इसने बिलाल अफजल उर्फ फैज़ल जट्ट उर्फ सुलेमान के साथ मिलकर दिया था.

तीसरे आतंकी हनान जफर की आईडी ढूंढ रहीं जांच एजेंसियां


हमले में शामिल तीसरे आतंकी हनान जफर उर्फ हमजा अफगानी के NADRA द्वारा जारी किया गया कार्ड अभी फिलहाल जांच एजेंसियों के हाथ नहीं लगा है. पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले इन तीनों आतंकियों को भारतीय सेना ने 28 जुलाई, 2025 को मार दिया था. जिसके बाद सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने बिलाल अफजल और हबीब नजीर उर्फ हबीब ताहिर का आईडी कार्ड अपने डेटाबेस से डिलीट कर दिया था, लेकिन दोनों आइडेंटिटी कार्ड को भारतीय खुफिया विभाग ने ढूंढ निकाला था, साथ ही इनका वेरिफिकेशन भी करवा दिया था.

पहलगाम हमले पर दुनिया से लगातार झूठ बोल रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान जो पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही दुनिया से झूठ बोल रहा है कि आतंकी हमले को उसने अंजाम नहीं दिया, लेकिन उसके झूठ की पोल खुद NADRA की ओर से जारी किए गए आइडी कार्ड दे रहे हैं. जिनके आइडेंटिटी नंबर आतंकियों के पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि कर रहे हैं.

साथ ही, तीसरे आतंकी हनन जफर की मौत के बाद जब नवंबर को उसके परिवार को पता चला कि हनन जफर उर्फ हमजा अफगानी ऑपरेशन में महादेव में मारा गया है, तो हनन के परिवार ने PoK के चोकियां केंद्रीय काउंसिल में उसकी गबियाना नमाज रखी थी.

लश्कर के हैंडलर हबीबुल्लाह की पहचान भी एजेंसियों ने निकाली

पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले इन तीनों आतंकियों का हैंडलर लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली साजिद उर्फ सलीम लंगड़ा था, जिसे पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने साल 2020 में पहचान पत्र जारी किया था और इसका नंबर 35103-5182811-5 है.

साथ ही, हबीबुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट के NADRA कार्ड की Verisys वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी एबीपी न्यूज के पास मौजूद है, जिससे स्पष्ट हो रहा है कि हबीबुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट अभी भी इस्लामाबाद में छुपा हुआ है. ऐसे में देखना होगा कि आखिर 26 मासूम लोगों की जान लेने का आदेश देने वाला ये आतंकी कब तक इसी तरफ खुलेआम पाकिस्तान में घूमता रहता है.

यह भी पढ़ेंः भारत आ रहे जहाज समेत 2 को आईआरजीसी ने होर्मुज के पास किया जब्त, अब ले जाया जा रहा ईरान

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow