'पश्चिम बंगाल में आपातकाल जैसे हालात, कानून व्यवस्था ध्वस्त', ममता बनर्जी पर भड़के समिक भट्टाचार्य

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बुधवार (16 जुलाई, 2025) को भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासियों पर कथित अत्याचार के विरोध में विरोध मार्च में शामिल हुईं और सभा को सम्बोधित किया. यहां सीएम ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें जेल भेजा जाएगा. अब इसको लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने प्रतिक्रिया दी है. भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तमिलनाडु सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने से पहले वहां की स्थिति को समझें. उन्होंने तमिलनाडु में हो रही कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सबसे ज्यादा छापेमारी हो रही है. जांच में पता चलता है कि कई लोग बांग्लादेश से आ रहे हैं, जिनकी पहचान की जा रही है.  तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में मौजूदा स्थिति आपातकाल जैसे हालात को दर्शाती है. भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी ने ही आपातकाल की शुरुआत की थी और कांग्रेस में इतनी हिम्मत नहीं कि वह आपातकाल लागू करे. जिस राज्य में एक जज के घर में घुसकर मारपीट की जाती है, वह सरकार, सरकार नहीं कही जा सकती. पश्चिम बंगाल में संविधान पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है.  भाजपा नेता ने ममता बनर्जी की हालिया यात्रा और उनके बयानों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की राय और वहां की स्थिति पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों को समझना चाहिए.  टीएमसी सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि टीएमसी सरकार की नीतियां और कामकाज राज्य में अराजकता पैदा कर रहे हैं. इसके साथ ही, भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि राज्य में न तो कानून का सम्मान है और न ही संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो रही है. जनता इस स्थिति से त्रस्त है.  यह विवाद तब शुरू हुआ, जब ममता बनर्जी ने एक बयान में कुछ मुद्दों पर अपनी राय रखी थी, जिसे भाजपा ने गलत बताया. इस पूरे मामले ने पश्चिम बंगाल की सियासत में एक नया मोड़ ला दिया है. दोनों पार्टियों के बीच तीखी बयानबाजी से सियासी माहौल गरमा गया है. ये भी पढ़ें:- 'बिना बताए गोवा छोड़ गई थी पत्नी', कर्नाटक की गुफा में 2 बच्चों के साथ मिली रूसी महिला के पति ने और क्या बताया?

Jul 17, 2025 - 01:30
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'पश्चिम बंगाल में आपातकाल जैसे हालात, कानून व्यवस्था ध्वस्त', ममता बनर्जी पर भड़के समिक भट्टाचार्य

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बुधवार (16 जुलाई, 2025) को भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासियों पर कथित अत्याचार के विरोध में विरोध मार्च में शामिल हुईं और सभा को सम्बोधित किया. यहां सीएम ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें जेल भेजा जाएगा. अब इसको लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने प्रतिक्रिया दी है.

भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तमिलनाडु सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने से पहले वहां की स्थिति को समझें. उन्होंने तमिलनाडु में हो रही कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सबसे ज्यादा छापेमारी हो रही है. जांच में पता चलता है कि कई लोग बांग्लादेश से आ रहे हैं, जिनकी पहचान की जा रही है. 

तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में मौजूदा स्थिति आपातकाल जैसे हालात को दर्शाती है. भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी ने ही आपातकाल की शुरुआत की थी और कांग्रेस में इतनी हिम्मत नहीं कि वह आपातकाल लागू करे. जिस राज्य में एक जज के घर में घुसकर मारपीट की जाती है, वह सरकार, सरकार नहीं कही जा सकती. पश्चिम बंगाल में संविधान पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है. 

भाजपा नेता ने ममता बनर्जी की हालिया यात्रा और उनके बयानों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की राय और वहां की स्थिति पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों को समझना चाहिए. 

टीएमसी सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि टीएमसी सरकार की नीतियां और कामकाज राज्य में अराजकता पैदा कर रहे हैं. इसके साथ ही, भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि राज्य में न तो कानून का सम्मान है और न ही संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो रही है. जनता इस स्थिति से त्रस्त है. 

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब ममता बनर्जी ने एक बयान में कुछ मुद्दों पर अपनी राय रखी थी, जिसे भाजपा ने गलत बताया. इस पूरे मामले ने पश्चिम बंगाल की सियासत में एक नया मोड़ ला दिया है. दोनों पार्टियों के बीच तीखी बयानबाजी से सियासी माहौल गरमा गया है.

ये भी पढ़ें:- 'बिना बताए गोवा छोड़ गई थी पत्नी', कर्नाटक की गुफा में 2 बच्चों के साथ मिली रूसी महिला के पति ने और क्या बताया?

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