पंजाब पुलिस के सस्पेंडेड IPS हरचरण सिंह भुल्लर की बढ़ी मुश्किलें, CBI ने दर्ज किया नया केस
केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ बुधवार (29 अक्टूबर, 2025) को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में केस दर्ज किया है. भुल्लर 2009 बैच के IPS अधिकारी हैं. सीबीआई की चंडीगढ़ एंटी करप्शन ब्रांच ने ये एफआईआर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज की है. इसमें आरोप लगाया गया है कि हरचरण सिंह भुल्लर ने अपने कार्यकाल के दौरान अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति बनाई है. छापेमारी में सीबीआई के हाथ लगी करोड़ों की संपत्ति सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, 16 और 17 अक्टूबर, 2025 को चंडीगढ़ के सेक्टर-40बी स्थित हरचरण सिंह भुल्लर के घर पर छापा मारा गया. इस दौरान टीम को 7.36 करोड़ कैश, 2.32 करोड़ की गोल्ड ज्वेलरी, चांदी की चीजें और 26 महंगी ब्रांडेड घड़ियां बरामद की. इसके साथ जांच टीम ने कई अचल संपत्तियों के कागजात भी जब्त किए, जिनमें चंडीगढ़ के दो फ्लैट्स और पंजाब के मोहाली, होशियारपुर और लुधियाना में लगभग 150 एकड़ कृषि भूमि शामिल है. इसके अलावा, भुल्लर और उनके परिवार के नाम पर मर्सिडीज, ऑडी, इनोवा और फॉर्चुनर जैसी महंगी गाड़ियां मिली. साथ ही उनके बैंक अकाउंट्स और फिक्स्ड डिपॉजिट में करीब 2.95 करोड़ का बैलेंस भी पाया गया. सीबीआई की जांच में क्या आया सामने? जांच में सामने आया कि भुल्लर का सैलरी अकाउंट HDFC बैंक, सेक्टर-9, चंडीगढ़ में है, जिसमें अगस्त और सितंबर 2025 में करीब 4.74 लाख प्रति माह वेतन आया था. इनकम टैक्स रिटर्न के मुताबिक, साल 2024-25 में उनकी कुल घोषित आय 45.95 लाख थी. जिस पर 13.82 लाख टैक्स दिया गया था. लेकिन छापे में मिली संपत्ति और कैश उनके ज्ञात आय स्रोतों से कहीं अधिक निकले. दरअसल, इस मामले की शुरुआत 11 अक्टूबर, 2025 को हुई थी. जब एक शिकायतकर्ता आकाश बट्टा ने CBI से कहा कि भुल्लर के कहने पर उनके एक सहयोगी ने उससे 5 लाख रिश्वत मांगी. इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया, जिसमें भुल्लर के सहयोगी को रंगे हाथों पकड़ा गया. जांच में सामने आया कि रिश्वत भुल्लर के लिए मांगी गई थी. इसी रिश्वत केस से जुड़ी जांच में सीबीआई को भुल्लर के आय से अधिक संपत्ति के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद ये नया केस दर्ज किया गया. संपत्ति के बारे में भुल्लर ने नहीं दिया संतोषजनक जवाब सीबीआई के मुताबिक, भुल्लर ने अपनी ज्ञात आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है. जिसके बारे में वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैर-कानूनी तरीके से खुद को आर्थिक रूप से लाभान्वित किया. जांच एजेंसी ने कहा कि भुल्लर के परिवार के सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी जाएगी. ताकि ये पता लगाया जा सके कि कहीं उन्होंने भी इन संपत्तियों के अधिग्रहण में मदद तो नहीं की. मामले की जांच जारी है. यह भी पढे़ंः ‘न्याय की लड़ाई में हम आपके साथ’, सतारा में सुसाइड करने वाली लेडी डॉक्टर के परिवार से राहुल गांधी ने की बात
केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ बुधवार (29 अक्टूबर, 2025) को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में केस दर्ज किया है. भुल्लर 2009 बैच के IPS अधिकारी हैं.
सीबीआई की चंडीगढ़ एंटी करप्शन ब्रांच ने ये एफआईआर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज की है. इसमें आरोप लगाया गया है कि हरचरण सिंह भुल्लर ने अपने कार्यकाल के दौरान अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति बनाई है.
छापेमारी में सीबीआई के हाथ लगी करोड़ों की संपत्ति
सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, 16 और 17 अक्टूबर, 2025 को चंडीगढ़ के सेक्टर-40बी स्थित हरचरण सिंह भुल्लर के घर पर छापा मारा गया. इस दौरान टीम को 7.36 करोड़ कैश, 2.32 करोड़ की गोल्ड ज्वेलरी, चांदी की चीजें और 26 महंगी ब्रांडेड घड़ियां बरामद की. इसके साथ जांच टीम ने कई अचल संपत्तियों के कागजात भी जब्त किए, जिनमें चंडीगढ़ के दो फ्लैट्स और पंजाब के मोहाली, होशियारपुर और लुधियाना में लगभग 150 एकड़ कृषि भूमि शामिल है.
इसके अलावा, भुल्लर और उनके परिवार के नाम पर मर्सिडीज, ऑडी, इनोवा और फॉर्चुनर जैसी महंगी गाड़ियां मिली. साथ ही उनके बैंक अकाउंट्स और फिक्स्ड डिपॉजिट में करीब 2.95 करोड़ का बैलेंस भी पाया गया.
सीबीआई की जांच में क्या आया सामने?
जांच में सामने आया कि भुल्लर का सैलरी अकाउंट HDFC बैंक, सेक्टर-9, चंडीगढ़ में है, जिसमें अगस्त और सितंबर 2025 में करीब 4.74 लाख प्रति माह वेतन आया था. इनकम टैक्स रिटर्न के मुताबिक, साल 2024-25 में उनकी कुल घोषित आय 45.95 लाख थी. जिस पर 13.82 लाख टैक्स दिया गया था. लेकिन छापे में मिली संपत्ति और कैश उनके ज्ञात आय स्रोतों से कहीं अधिक निकले.
दरअसल, इस मामले की शुरुआत 11 अक्टूबर, 2025 को हुई थी. जब एक शिकायतकर्ता आकाश बट्टा ने CBI से कहा कि भुल्लर के कहने पर उनके एक सहयोगी ने उससे 5 लाख रिश्वत मांगी. इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया, जिसमें भुल्लर के सहयोगी को रंगे हाथों पकड़ा गया. जांच में सामने आया कि रिश्वत भुल्लर के लिए मांगी गई थी. इसी रिश्वत केस से जुड़ी जांच में सीबीआई को भुल्लर के आय से अधिक संपत्ति के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद ये नया केस दर्ज किया गया.
संपत्ति के बारे में भुल्लर ने नहीं दिया संतोषजनक जवाब
सीबीआई के मुताबिक, भुल्लर ने अपनी ज्ञात आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है. जिसके बारे में वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैर-कानूनी तरीके से खुद को आर्थिक रूप से लाभान्वित किया. जांच एजेंसी ने कहा कि भुल्लर के परिवार के सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी जाएगी. ताकि ये पता लगाया जा सके कि कहीं उन्होंने भी इन संपत्तियों के अधिग्रहण में मदद तो नहीं की. मामले की जांच जारी है.
यह भी पढे़ंः ‘न्याय की लड़ाई में हम आपके साथ’, सतारा में सुसाइड करने वाली लेडी डॉक्टर के परिवार से राहुल गांधी ने की बात
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