नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गौतम अडानी ने बताया भारत के 'भविष्य का प्रवेश द्वार'

Navi Mumbai International Airport: भारत के जाने-माने उद्योगपति गौतम अडानी ने बुधवार को कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (NMIAL) न केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना है, बल्कि यह भारत के आर्थिक भविष्य का “प्रवेश द्वार” भी बनेगा. उन्होंने इस हवाई अड्डे की तुलना “कमल” (Lotus) से करते हुए कहा कि यह देश की प्रगति, आत्मनिर्भरता और आधुनिकता का प्रतीक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन के बाद गौतम अडानी ने LinkedIn पर एक विस्तृत लेख साझा किया. उन्होंने इसे भारत की बुनियादी ढांचा निर्माण यात्रा का ऐतिहासिक क्षण बताया और लिखा- “यह हवाई अड्डा भारत के दूरदर्शी नेतृत्व और सार्वजनिक-निजी भागीदारी की ताकत का प्रमाण है.” 20,000 करोड़ रुपये में 50 महीनों से कम में पूरा हुआ प्रोजेक्ट अडानी ने बताया कि 20,000 करोड़ रुपये के निवेश से यह परियोजना 50 महीनों से भी कम समय में पूरी की गई है. यह हवाई अड्डा मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ा हुआ है, जिससे मुंबई के हवाई ट्रैफिक की भीड़ कम होगी और क्षेत्र में नई आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी. इस परियोजना से 2 लाख से अधिक नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है. साथ ही, यह हवाई अड्डा पर्यटन, व्यापार और नए व्यावसायिक गलियारों को भी बढ़ावा देगा. अडानी ने कहा कि यह परियोजना भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर (10,000 अरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेगी. ‘आत्मनिर्भरता और हरित विकास’ का प्रतीक अडानी ने अपने लेख में हवाई अड्डे पर अपनाए गए पर्यावरण अनुकूल उपायों का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा — “नया हवाई अड्डा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, जो भारत की विरासत और भविष्य की आकांक्षाओं को दर्शाता है.” उन्होंने इसे “आधुनिक भारत का सार” बताते हुए कहा कि यह “ज्ञान में प्राचीन, पर महत्वाकांक्षा में आधुनिक और असीम” है. अडानी ने कहा कि उनके समूह की प्रतिबद्धता राष्ट्र निर्माण, विमानन, लॉजिस्टिक्स, हरित ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की है. “भारत की सेवा करना हमेशा हमारा सबसे बड़ा सम्मान होगा. नया हवाई अड्डा केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि एक ‘पवित्र जिम्मेदारी’ है जिसे हमने श्रद्धा, विनम्रता और मूल्यों के साथ निभाया है.” “हर उड़ान 1.4 अरब भारतीयों का आशीर्वाद लेकर जाएगी” अडानी ने भावनात्मक अंदाज़ में कहा — “इन रनवे से रवाना होने वाली हर उड़ान 1.4 अरब भारतीयों का आशीर्वाद लेकर जाएगी, और हर आगमन दुनिया को याद दिलाएगा कि — यह समय भारत का है.” अडानी ने कहा कि सितंबर 2021 में इस परियोजना की नींव रखते समय उनका सपना था- “भारत की महत्वाकांक्षा और मुंबई की ऊर्जा को प्रतिबिंबित करने वाला एक विश्व स्तरीय प्रवेश द्वार बनाना.” उन्होंने कहा कि आज, वह सपना साकार हो गया है. यह हवाई अड्डा न केवल मुंबई की भीड़ को कम करेगा, बल्कि पूरे पश्चिम भारत के लिए समृद्धि और सशक्तिकरण का नया द्वार खोलेगा. ये भी पढ़ें: गूगल का भारत में 88,730 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश, हर साल पैदा होंगे 188220 नए जॉब्स

Oct 8, 2025 - 22:30
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नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गौतम अडानी ने बताया भारत के 'भविष्य का प्रवेश द्वार'

Navi Mumbai International Airport: भारत के जाने-माने उद्योगपति गौतम अडानी ने बुधवार को कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (NMIAL) न केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना है, बल्कि यह भारत के आर्थिक भविष्य का “प्रवेश द्वार” भी बनेगा. उन्होंने इस हवाई अड्डे की तुलना “कमल” (Lotus) से करते हुए कहा कि यह देश की प्रगति, आत्मनिर्भरता और आधुनिकता का प्रतीक है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन के बाद गौतम अडानी ने LinkedIn पर एक विस्तृत लेख साझा किया. उन्होंने इसे भारत की बुनियादी ढांचा निर्माण यात्रा का ऐतिहासिक क्षण बताया और लिखा- “यह हवाई अड्डा भारत के दूरदर्शी नेतृत्व और सार्वजनिक-निजी भागीदारी की ताकत का प्रमाण है.”

20,000 करोड़ रुपये में 50 महीनों से कम में पूरा हुआ प्रोजेक्ट

अडानी ने बताया कि 20,000 करोड़ रुपये के निवेश से यह परियोजना 50 महीनों से भी कम समय में पूरी की गई है. यह हवाई अड्डा मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ा हुआ है, जिससे मुंबई के हवाई ट्रैफिक की भीड़ कम होगी और क्षेत्र में नई आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी.

इस परियोजना से 2 लाख से अधिक नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है. साथ ही, यह हवाई अड्डा पर्यटन, व्यापार और नए व्यावसायिक गलियारों को भी बढ़ावा देगा. अडानी ने कहा कि यह परियोजना भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर (10,000 अरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेगी.

‘आत्मनिर्भरता और हरित विकास’ का प्रतीक

अडानी ने अपने लेख में हवाई अड्डे पर अपनाए गए पर्यावरण अनुकूल उपायों का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा — “नया हवाई अड्डा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, जो भारत की विरासत और भविष्य की आकांक्षाओं को दर्शाता है.” उन्होंने इसे “आधुनिक भारत का सार” बताते हुए कहा कि यह “ज्ञान में प्राचीन, पर महत्वाकांक्षा में आधुनिक और असीम” है.

अडानी ने कहा कि उनके समूह की प्रतिबद्धता राष्ट्र निर्माण, विमानन, लॉजिस्टिक्स, हरित ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की है. “भारत की सेवा करना हमेशा हमारा सबसे बड़ा सम्मान होगा. नया हवाई अड्डा केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि एक ‘पवित्र जिम्मेदारी’ है जिसे हमने श्रद्धा, विनम्रता और मूल्यों के साथ निभाया है.”

“हर उड़ान 1.4 अरब भारतीयों का आशीर्वाद लेकर जाएगी”

अडानी ने भावनात्मक अंदाज़ में कहा — “इन रनवे से रवाना होने वाली हर उड़ान 1.4 अरब भारतीयों का आशीर्वाद लेकर जाएगी, और हर आगमन दुनिया को याद दिलाएगा कि — यह समय भारत का है.” अडानी ने कहा कि सितंबर 2021 में इस परियोजना की नींव रखते समय उनका सपना था- “भारत की महत्वाकांक्षा और मुंबई की ऊर्जा को प्रतिबिंबित करने वाला एक विश्व स्तरीय प्रवेश द्वार बनाना.” उन्होंने कहा कि आज, वह सपना साकार हो गया है. यह हवाई अड्डा न केवल मुंबई की भीड़ को कम करेगा, बल्कि पूरे पश्चिम भारत के लिए समृद्धि और सशक्तिकरण का नया द्वार खोलेगा.

ये भी पढ़ें: गूगल का भारत में 88,730 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश, हर साल पैदा होंगे 188220 नए जॉब्स

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