दुबई से iPhone 18 Pro लाया शख्स, कस्टम ने मांगे 30 हजार, अब कोर्ट जाएगा मामला

विदेश में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट खरीदना कई लोगों के लिए सस्ता विकल्प होता है, लेकिन भारत लौटते समय यही खरीदारी कभी-कभी मुश्किल खड़ी कर सकती है. केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पर एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां दुबई से लौट रहे एक NRI यात्री को अपने नए आईफोन के कारण कस्टम अधिकारियों के सवालों का सामना करना पड़ा. मामला केवल टैक्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यात्री और अधिकारियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा. इस घटना ने विदेश से निजी इस्तेमाल के लिए सामान लाने वाले यात्रियों के अधिकारों और कस्टम नियमों पर नई चर्चा शुरू कर दी है. कस्टम ड्यूटी देने से यात्री ने क्यों किया इनकार? खलीज टाइम्स के मुताबिक, एनआरआई का नाम अज़ास है, कोझिकोड के रहने वाले हैं. उनका मानना था कि नया फोन उनके निजी इस्तेमाल के लिए है और इसे बेचने या किसी व्यावसायिक गतिविधि के मकसद से नहीं खरीदा गया है. इसी आधार पर उन्होंने अधिकारियों की ओर से बताई गई रकम जमा करने से मना कर दिया. दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर असहमति बढ़ती गई. यात्री ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठने का फैसला किया. वह अपना फोन वापस मिलने तक वहां से जाने को तैयार नहीं थे. दुबई से कौन-सा आईफोन लेकर आया था यात्री? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में दुबई से भारत पहुंचने पर उनके सामान में नया iPhone 18 Pro मिला. इस डिवाइस को उन्होंने 5,950 UAE दिरहम में खरीदा था. उनके पास एक पुराना iPhone 14 भी था, जिसका इस्तेमाल वह पहले से कर रहे थे. कोच्चि एयरपोर्ट के नेदुम्बस्सेरी टर्मिनल पर कस्टम विभाग ने नए फोन की खरीद को लेकर उनसे जानकारी मांगी. अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर फोन को भारत लाने के लिए लगभग 20 हजार से 30 हजार रुपये तक का शुल्क जमा करने को कहा गया. विदेश से सामान लाने पर कितनी मिलती है छूट? भारत में 2 फरवरी 2026 से लागू बेगेज रुल्स, 2026 के अनुसार, पात्र भारतीय निवासी और भारतीय मूल के पर्यटक हवाई या समुद्री रास्ते से आने पर 75 हजार रुपये तक की सामान्य ड्यूटी-फ्री सीमा का लाभ ले सकते हैं. हालांकि, इस छूट का फायदा हर तरह की खरीदारी पर अपने आप नहीं मिलता. पहले से इस्तेमाल किए जा रहे निजी सामान और विदेश में खरीदे गए नए उत्पादों के लिए नियम अलग हो सकते हैं. इसलिए महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ भारत आने से पहले यात्रियों को लागू कस्टम शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए. कोच्चि एयरपोर्ट की यह घटना बताती है कि विदेश से नया फोन खरीदना ही नहीं, उसे भारत लाते समय लागू नियमों को समझना भी उतना ही जरूरी है. एयरपोर्ट पर हंगामे के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला स्थिति को संभालने के लिए CISF के जवानों को बीच में आना पड़ा. उन्होंने यात्री को कस्टम क्षेत्र से बाहर पहुंचाया. इसके बाद कस्टम अधिकारियों की शिकायत पर नेदुम्बस्सेरी पुलिस ने अज़ास के खिलाफ मामला दर्ज किया. शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने अधिकारियों के आधिकारिक काम में बाधा पहुंचाई. दूसरी तरफ, यात्री ने अपना नया आईफोन कस्टम विभाग के पास ही छोड़ दिया और मामले में कानूनी विकल्प अपनाने की बात कही. यह भी पढे़ं- आज से बढ़ गए क्या गैस सिलेंडर के रेट? बुकिंग से पहले जानें LPG की ताजा कीमत यह भी देखें- 

Oct 31, 2026 - 16:30
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दुबई से iPhone 18 Pro लाया शख्स, कस्टम ने मांगे 30 हजार, अब कोर्ट जाएगा मामला

विदेश में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट खरीदना कई लोगों के लिए सस्ता विकल्प होता है, लेकिन भारत लौटते समय यही खरीदारी कभी-कभी मुश्किल खड़ी कर सकती है. केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पर एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां दुबई से लौट रहे एक NRI यात्री को अपने नए आईफोन के कारण कस्टम अधिकारियों के सवालों का सामना करना पड़ा.

मामला केवल टैक्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यात्री और अधिकारियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा. इस घटना ने विदेश से निजी इस्तेमाल के लिए सामान लाने वाले यात्रियों के अधिकारों और कस्टम नियमों पर नई चर्चा शुरू कर दी है.

कस्टम ड्यूटी देने से यात्री ने क्यों किया इनकार?

खलीज टाइम्स के मुताबिक, एनआरआई का नाम अज़ास है, कोझिकोड के रहने वाले हैं. उनका मानना था कि नया फोन उनके निजी इस्तेमाल के लिए है और इसे बेचने या किसी व्यावसायिक गतिविधि के मकसद से नहीं खरीदा गया है. इसी आधार पर उन्होंने अधिकारियों की ओर से बताई गई रकम जमा करने से मना कर दिया.

दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर असहमति बढ़ती गई. यात्री ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठने का फैसला किया. वह अपना फोन वापस मिलने तक वहां से जाने को तैयार नहीं थे.

दुबई से कौन-सा आईफोन लेकर आया था यात्री?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में दुबई से भारत पहुंचने पर उनके सामान में नया iPhone 18 Pro मिला. इस डिवाइस को उन्होंने 5,950 UAE दिरहम में खरीदा था. उनके पास एक पुराना iPhone 14 भी था, जिसका इस्तेमाल वह पहले से कर रहे थे.

कोच्चि एयरपोर्ट के नेदुम्बस्सेरी टर्मिनल पर कस्टम विभाग ने नए फोन की खरीद को लेकर उनसे जानकारी मांगी. अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर फोन को भारत लाने के लिए लगभग 20 हजार से 30 हजार रुपये तक का शुल्क जमा करने को कहा गया.

विदेश से सामान लाने पर कितनी मिलती है छूट?

भारत में 2 फरवरी 2026 से लागू बेगेज रुल्स, 2026 के अनुसार, पात्र भारतीय निवासी और भारतीय मूल के पर्यटक हवाई या समुद्री रास्ते से आने पर 75 हजार रुपये तक की सामान्य ड्यूटी-फ्री सीमा का लाभ ले सकते हैं.

हालांकि, इस छूट का फायदा हर तरह की खरीदारी पर अपने आप नहीं मिलता. पहले से इस्तेमाल किए जा रहे निजी सामान और विदेश में खरीदे गए नए उत्पादों के लिए नियम अलग हो सकते हैं. इसलिए महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ भारत आने से पहले यात्रियों को लागू कस्टम शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए. कोच्चि एयरपोर्ट की यह घटना बताती है कि विदेश से नया फोन खरीदना ही नहीं, उसे भारत लाते समय लागू नियमों को समझना भी उतना ही जरूरी है.

एयरपोर्ट पर हंगामे के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला

स्थिति को संभालने के लिए CISF के जवानों को बीच में आना पड़ा. उन्होंने यात्री को कस्टम क्षेत्र से बाहर पहुंचाया. इसके बाद कस्टम अधिकारियों की शिकायत पर नेदुम्बस्सेरी पुलिस ने अज़ास के खिलाफ मामला दर्ज किया.

शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने अधिकारियों के आधिकारिक काम में बाधा पहुंचाई. दूसरी तरफ, यात्री ने अपना नया आईफोन कस्टम विभाग के पास ही छोड़ दिया और मामले में कानूनी विकल्प अपनाने की बात कही.

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