ट्रंप के 15% टैरिफ प्रस्ताव पर अनिश्चितता के बीच रुपया ने दिखाया दम, करेंसी की रिंग में 21 बार दी पटखनी
Rupee vs Dollar: अमेरिका में Supreme Court of the United States के फैसले से मिले झटके और राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा टैरिफ को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रस्ताव से बनी वैश्विक अनिश्चितता के बीच भी भारतीय रुपये में मजबूती देखने को मिली है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रुपया 21 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.73 पर पहुंच गया. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला. अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.76 पर खुला और बढ़त के साथ 90.73 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 21 पैसे की तेजी दिखाता है. रुपये में तेजी इससे पहले शुक्रवार को रुपया 26 पैसे टूटकर 90.94 पर बंद हुआ था. डॉलर में कमजोरी छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.33 प्रतिशत गिरकर 97.47 पर आ गया, जिससे रुपये को अतिरिक्त मजबूती मिली. शेयर बाजार में उछाल घरेलू शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला. BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 621.78 अंक चढ़कर 83,436.49 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 180.05 अंक की बढ़त के साथ 25,751.30 पर कारोबार करता दिखा. क्रूड ऑयल में गिरावट अंतरराष्ट्रीय मानक Brent Crude का भाव 1.09 प्रतिशत गिरकर 70.98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. तेल की कीमतों में नरमी से भारत जैसे आयातक देश को राहत मिलती है और इससे रुपये को भी समर्थन मिलता है. बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे और उन्होंने 934.61 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इसके बावजूद, वैश्विक संकेतों में सुधार और डॉलर की कमजोरी से रुपये में मजबूती बनी रही. विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) का कहना है कि शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत और भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार में हुई बढ़ोतरी ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है. Reserve Bank of India (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.663 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 725.727 अरब डॉलर पर पहुंच गया. यह अब तक का उच्चतम स्तर है. विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार न केवल रुपये को स्थिरता प्रदान करता है, बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों को भी भरोसा देता है. इसके साथ ही घरेलू शेयर बाजार में तेजी और डॉलर में कमजोरी ने भी सकारात्मक माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई है. ये भी पढ़ें: एक झटके में 15200 रुपये बढ़ी चांदी की कीमत, सोने के भाव में भी तेज उछाल; क्या है वजह?
Rupee vs Dollar: अमेरिका में Supreme Court of the United States के फैसले से मिले झटके और राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा टैरिफ को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रस्ताव से बनी वैश्विक अनिश्चितता के बीच भी भारतीय रुपये में मजबूती देखने को मिली है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रुपया 21 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.73 पर पहुंच गया.
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला. अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.76 पर खुला और बढ़त के साथ 90.73 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 21 पैसे की तेजी दिखाता है.
रुपये में तेजी
इससे पहले शुक्रवार को रुपया 26 पैसे टूटकर 90.94 पर बंद हुआ था. डॉलर में कमजोरी छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.33 प्रतिशत गिरकर 97.47 पर आ गया, जिससे रुपये को अतिरिक्त मजबूती मिली.
शेयर बाजार में उछाल घरेलू शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला. BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 621.78 अंक चढ़कर 83,436.49 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 180.05 अंक की बढ़त के साथ 25,751.30 पर कारोबार करता दिखा.
क्रूड ऑयल में गिरावट अंतरराष्ट्रीय मानक Brent Crude का भाव 1.09 प्रतिशत गिरकर 70.98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. तेल की कीमतों में नरमी से भारत जैसे आयातक देश को राहत मिलती है और इससे रुपये को भी समर्थन मिलता है.
बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार
हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे और उन्होंने 934.61 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इसके बावजूद, वैश्विक संकेतों में सुधार और डॉलर की कमजोरी से रुपये में मजबूती बनी रही.
विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) का कहना है कि शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत और भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार में हुई बढ़ोतरी ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है. Reserve Bank of India (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.663 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 725.727 अरब डॉलर पर पहुंच गया. यह अब तक का उच्चतम स्तर है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार न केवल रुपये को स्थिरता प्रदान करता है, बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों को भी भरोसा देता है. इसके साथ ही घरेलू शेयर बाजार में तेजी और डॉलर में कमजोरी ने भी सकारात्मक माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई है.
ये भी पढ़ें: एक झटके में 15200 रुपये बढ़ी चांदी की कीमत, सोने के भाव में भी तेज उछाल; क्या है वजह?
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