चोट लगने पर आप भी झट से करने लगते हैं सिकाई? जानिए कहां होती है गर्म और ठंडी सिकाई

Fomentation for Body Pian: आप खेल रहे हैं, चल रहे हैं या बस घर का कोई सामान उठा रहे हैं। अचानक पैर मुड़ गया या हाथ में झटका लग गया. दर्द उठा और आप झट से तौलिया गर्म पानी में डुबोकर सिकाई करने लगते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि हर चोट पर गर्म सिकाई करनी चाहिए या कहीं ठंडी सिकाई का असर होता है. अक्सर देखा गया है कि चोट लगते ही लोग बिना सोचे-समझे गर्म या ठंडी पट्टी लगाना शुरू कर देते हैं। ये आदत नुकसान भी पहुंचा सकती है अगर सही तरीके से न की जाए तो कोई फर्क भी नहीं पड़ता है.  कभी खेलते वक्त, कभी गिरते वक्त या अचानक किसी चीज से टकरा जाने पर, चोट लग जाती है. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि, हर बार ठंडी या गर्म सिकाई ठीक रहेगी. क्योंकि हर चीज के लिए अलग-अलग सिकाई लग सकती है.  ये भी पढ़े- ब्रेकफास्ट में इस सफेद चीज को खाने से लिवर हो सकता है खराब, कहीं आप तो नहीं कर रहे खाने की गलती ठंडी सिकाई  जब चोट नई हो और उसमें सूजन या लालिमा दिखाई दे रही हो, तब ठंडी सिकाई सबसे असरदार होती है.  कब करें ठंडी सिकाई मोच या खिंचाव आने पर  सूजन वाली चोट होने पर  सिर पर चोट लग जाए  मांसपेशियों में अचानक झटका किसी जगह में जलन या झुनझुनाहट बर्फ को कपड़े में लपेटकर 15 मिनट तक चोट वाली जगह पर रखें. सीधे त्वचा पर बर्फ न लगाएं.  गर्म सिकाई  जब चोट पुरानी हो गई हो या मांसपेशियों में अकड़न महसूस हो रही हो, तब गर्म सिकाई राहत देती है.  कब करें गर्म सिकाई: पुरानी चोट या मोच होने पर कर सकते हैं मांसपेशियों में जकड़न पीठ या गर्दन का दर्द जोड़ों का दर्द  गर्म पानी में कपड़ा डुबाकर निचोड़ें और प्रभावित हिस्से पर 15 मिनट तक रखें. ज्यादा गर्म न हो वरना जलन हो सकती है.  गलत सिकाई से बढ़ सकता है दर्द अगर नई चोट पर गर्म सिकाई कर दी जाए, तो सूजन और दर्द दोनों बढ़ सकते हैं. इसी तरह, पुरानी अकड़न पर ठंडी सिकाई करने से राहत नहीं मिलेगी बल्कि जकड़न बढ़ सकती है.  हर चोट की अपनी प्रकृति होती है और हर सिकाई का अपना सही समय. ठंडी सिकाई जल्दी लगी चोटों और सूजन में फायदेमंद होती है, जबकि गर्म सिकाई पुरानी चोटों और मांसपेशियों की जकड़न में काम आती है. अगली बार जब चोट लगे तो सिकाई करने से पहले एक बार सोचिए, गर्म चाहिए या ठंडी? सही चुनाव ही सही इलाज है.  ये भी पढ़ें: वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन? Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jun 9, 2025 - 12:30
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चोट लगने पर आप भी झट से करने लगते हैं सिकाई? जानिए कहां होती है गर्म और ठंडी सिकाई

Fomentation for Body Pian: आप खेल रहे हैं, चल रहे हैं या बस घर का कोई सामान उठा रहे हैं। अचानक पैर मुड़ गया या हाथ में झटका लग गया. दर्द उठा और आप झट से तौलिया गर्म पानी में डुबोकर सिकाई करने लगते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि हर चोट पर गर्म सिकाई करनी चाहिए या कहीं ठंडी सिकाई का असर होता है. अक्सर देखा गया है कि चोट लगते ही लोग बिना सोचे-समझे गर्म या ठंडी पट्टी लगाना शुरू कर देते हैं। ये आदत नुकसान भी पहुंचा सकती है अगर सही तरीके से न की जाए तो कोई फर्क भी नहीं पड़ता है. 

कभी खेलते वक्त, कभी गिरते वक्त या अचानक किसी चीज से टकरा जाने पर, चोट लग जाती है. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि, हर बार ठंडी या गर्म सिकाई ठीक रहेगी. क्योंकि हर चीज के लिए अलग-अलग सिकाई लग सकती है. 

ये भी पढ़े- ब्रेकफास्ट में इस सफेद चीज को खाने से लिवर हो सकता है खराब, कहीं आप तो नहीं कर रहे खाने की गलती

ठंडी सिकाई 

जब चोट नई हो और उसमें सूजन या लालिमा दिखाई दे रही हो, तब ठंडी सिकाई सबसे असरदार होती है. 

कब करें ठंडी सिकाई

मोच या खिंचाव आने पर 

सूजन वाली चोट होने पर 

सिर पर चोट लग जाए 

मांसपेशियों में अचानक झटका

किसी जगह में जलन या झुनझुनाहट

बर्फ को कपड़े में लपेटकर 15 मिनट तक चोट वाली जगह पर रखें. सीधे त्वचा पर बर्फ न लगाएं. 

गर्म सिकाई 

जब चोट पुरानी हो गई हो या मांसपेशियों में अकड़न महसूस हो रही हो, तब गर्म सिकाई राहत देती है. 

कब करें गर्म सिकाई:

पुरानी चोट या मोच होने पर कर सकते हैं

मांसपेशियों में जकड़न

पीठ या गर्दन का दर्द

जोड़ों का दर्द 

गर्म पानी में कपड़ा डुबाकर निचोड़ें और प्रभावित हिस्से पर 15 मिनट तक रखें. ज्यादा गर्म न हो वरना जलन हो सकती है. 

गलत सिकाई से बढ़ सकता है दर्द

अगर नई चोट पर गर्म सिकाई कर दी जाए, तो सूजन और दर्द दोनों बढ़ सकते हैं. इसी तरह, पुरानी अकड़न पर ठंडी सिकाई करने से राहत नहीं मिलेगी बल्कि जकड़न बढ़ सकती है. 

हर चोट की अपनी प्रकृति होती है और हर सिकाई का अपना सही समय. ठंडी सिकाई जल्दी लगी चोटों और सूजन में फायदेमंद होती है, जबकि गर्म सिकाई पुरानी चोटों और मांसपेशियों की जकड़न में काम आती है. अगली बार जब चोट लगे तो सिकाई करने से पहले एक बार सोचिए, गर्म चाहिए या ठंडी? सही चुनाव ही सही इलाज है. 

ये भी पढ़ें: वैज्ञानिकों ने बना ली कैंसर की दवा, जानिए थर्ड स्टेज के कैंसर में कितनी कारगर ये वैक्सीन?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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