चॉपिंग बोर्ड की एक्सपायरी डेट क्या होती है, कब बदलना होता है जरूरी?

किचन में सब्जियां, फल और दूसरी चीजें काटने के लिए चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल किया जाता है. रोज इस्तेमाल होने के कारण इस पर चाकू के निशान पड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे इसकी सतह खराब होने लगती है. ऐसे में सवाल उठता है कि चॉपिंग बोर्ड को कितने समय बाद बदलना चाहिए और इससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं? आपको बता दें कि चॉपिंग बोर्ड को रिप्लेस करने की कोई एक तय एक्सपायरी डेट नहीं होती. इसे बदलने का फैसला इसकी हालत देखकर करना चाहिए. समय के साथ इस पर कई निशान पड़ जाते हैं और बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है.  कब बदल दें चॉपिंग बोर्ड   सब्जियां काटते समय चाकू के निशान पड़ना आम बात है. लेकिन जब बोर्ड पर गहरे कट और खांचे बनने लगें तो उन्हें साफ करना मुश्किल हो जाता है. इन जगहों पर खाने के छोटे टुकड़े और बैक्टीरिया फंसने लगते हैं. अगर अच्छी तरह धोने के बाद भी बोर्ड साफ नहीं हो रहा है, तो उसे बदल देना चाहिए.  लकड़ी और प्लास्टिक के बोर्ड की उम्र कितनी ? चॉपिंग बोर्ड लकड़ी, बांस और प्लास्टिक जैसे अलग-अलग मटेरियल से बने होते हैं. इनकी उम्र इस्तेमाल और देखभाल पर निर्भर करती है. अगर लकड़ी के बोर्ड में दरारें पड़ गई हैं या वह टूटने लगा है, तो उसे बदलना बेहतर है. वहीं, प्लास्टिक के बोर्ड पर बहुत ज्यादा कट लग जाएं और उनकी सफाई मुश्किल हो जाए तो नया बोर्ड ले लेना चाहिए. सिर्फ पुराना होने के कारण बोर्ड बदलना जरूरी नहीं, उसकी हालत देखना ज्यादा जरूरी है यह भी पढ़ें :क्या फ्रिज में रखने से खत्म होते हैं फलों के पोषक तत्व, कितने दिन स्टोर करना सही? बदबू या फफूंदी दिखे तो न करें इस्तेमाल अगर चॉपिंग बोर्ड से लगातार बदबू आ रही है, उस पर फफूंदी दिख रही है या वह नमी के कारण खराब हो गया है, तो उसे नजरअंदाज न करें. पहले उसकी हालत जांचें. अगर बोर्ड को ठीक से साफ और सूखा नहीं रखा जा सकता, तो उसे बदल दें. इस्तेमाल के बाद बोर्ड को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं और पूरी तरह सूखने दें. ऐसे रखे चॉपिंग बोर्ड का ख्याल कच्चे चिकन, मांस और मछली में मौजूद बैक्टीरिया सब्जियों या बिना पकाए खाए जाने वाले फलों तक पहुंच सकते हैं. इससे बचने के लिए कच्चे मांस और सब्जियों के लिए अलग-अलग चॉपिंग बोर्ड इस्तेमाल करना बेहतर है. हर इस्तेमाल के बाद बोर्ड को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं. चॉपिंग बोर्ड को इस्तेमाल के बाद धोकर पूरी तरह सुखाएं. उसे गीला छोड़ने से बचें और ऐसी जगह रखें जहां हवा लग सके. समय-समय पर उसकी सतह पर कट, दरारें और गंदगी जमा होने की जांच करें. अगर बोर्ड इतना खराब हो गया है कि उसे अच्छी तरह साफ करना संभव नहीं है, तो उसे बदल दें. इससे खाने में गंदगी और बैक्टीरिया पहुंचने का खतरा कम करने में मदद मिलती है. यह भी पढ़ें :Kitchen Dustbin Smell: किचन के डस्टबिन से नहीं जा रही बदबू, ये जुगाड़ आएंगे काम

Oct 19, 2026 - 05:30
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चॉपिंग बोर्ड की एक्सपायरी डेट क्या होती है, कब बदलना होता है जरूरी?

किचन में सब्जियां, फल और दूसरी चीजें काटने के लिए चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल किया जाता है. रोज इस्तेमाल होने के कारण इस पर चाकू के निशान पड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे इसकी सतह खराब होने लगती है. ऐसे में सवाल उठता है कि चॉपिंग बोर्ड को कितने समय बाद बदलना चाहिए और इससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

आपको बता दें कि चॉपिंग बोर्ड को रिप्लेस करने की कोई एक तय एक्सपायरी डेट नहीं होती. इसे बदलने का फैसला इसकी हालत देखकर करना चाहिए. समय के साथ इस पर कई निशान पड़ जाते हैं और बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है. 

कब बदल दें चॉपिंग बोर्ड  

सब्जियां काटते समय चाकू के निशान पड़ना आम बात है. लेकिन जब बोर्ड पर गहरे कट और खांचे बनने लगें तो उन्हें साफ करना मुश्किल हो जाता है. इन जगहों पर खाने के छोटे टुकड़े और बैक्टीरिया फंसने लगते हैं. अगर अच्छी तरह धोने के बाद भी बोर्ड साफ नहीं हो रहा है, तो उसे बदल देना चाहिए. 

लकड़ी और प्लास्टिक के बोर्ड की उम्र कितनी ?

चॉपिंग बोर्ड लकड़ी, बांस और प्लास्टिक जैसे अलग-अलग मटेरियल से बने होते हैं. इनकी उम्र इस्तेमाल और देखभाल पर निर्भर करती है. अगर लकड़ी के बोर्ड में दरारें पड़ गई हैं या वह टूटने लगा है, तो उसे बदलना बेहतर है. वहीं, प्लास्टिक के बोर्ड पर बहुत ज्यादा कट लग जाएं और उनकी सफाई मुश्किल हो जाए तो नया बोर्ड ले लेना चाहिए. सिर्फ पुराना होने के कारण बोर्ड बदलना जरूरी नहीं, उसकी हालत देखना ज्यादा जरूरी है

यह भी पढ़ें :क्या फ्रिज में रखने से खत्म होते हैं फलों के पोषक तत्व, कितने दिन स्टोर करना सही?

बदबू या फफूंदी दिखे तो न करें इस्तेमाल

अगर चॉपिंग बोर्ड से लगातार बदबू आ रही है, उस पर फफूंदी दिख रही है या वह नमी के कारण खराब हो गया है, तो उसे नजरअंदाज न करें. पहले उसकी हालत जांचें. अगर बोर्ड को ठीक से साफ और सूखा नहीं रखा जा सकता, तो उसे बदल दें. इस्तेमाल के बाद बोर्ड को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं और पूरी तरह सूखने दें.

ऐसे रखे चॉपिंग बोर्ड का ख्याल

कच्चे चिकन, मांस और मछली में मौजूद बैक्टीरिया सब्जियों या बिना पकाए खाए जाने वाले फलों तक पहुंच सकते हैं. इससे बचने के लिए कच्चे मांस और सब्जियों के लिए अलग-अलग चॉपिंग बोर्ड इस्तेमाल करना बेहतर है. हर इस्तेमाल के बाद बोर्ड को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं. चॉपिंग बोर्ड को इस्तेमाल के बाद धोकर पूरी तरह सुखाएं. उसे गीला छोड़ने से बचें और ऐसी जगह रखें जहां हवा लग सके. समय-समय पर उसकी सतह पर कट, दरारें और गंदगी जमा होने की जांच करें. अगर बोर्ड इतना खराब हो गया है कि उसे अच्छी तरह साफ करना संभव नहीं है, तो उसे बदल दें. इससे खाने में गंदगी और बैक्टीरिया पहुंचने का खतरा कम करने में मदद मिलती है.

यह भी पढ़ें :Kitchen Dustbin Smell: किचन के डस्टबिन से नहीं जा रही बदबू, ये जुगाड़ आएंगे काम

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