घरेलू मांग से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिला सपोर्ट, PMI पहुंचा 56.9 पर; अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत

India Manufacturing PMI Data: भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से एक राहत भरी खबर सामने आ रही है. HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स( PMI) बढ़कर 56.9 पर पहुंच गया है. जो पिछले 4 महीने का हाई लेवल है. जनवरी में यह आंकड़ा 55.4 के स्तर पर था. रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. जिससे नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी है. यह रिपोर्ट S&P Global तैयार करती है. आइए जानते हैं, इस बारे में....   पीएमआई आंकड़ों में तेजी नवंबर में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों का संकेत देने वाला परचेजिंग मैनेजर्स’ इंडेक्स 56.6 पर रहा. जबकि जनवरी में यह 55.4 दर्ज किया गया था. 50 से ऊपर का स्तर विस्तार को दिखाता है, यानी सेक्टर में कामकाज बढ़ रहा है. हालांकि निर्यात वृद्धि की रफ्तार करीब डेढ़ साल के निचले स्तर पर आ गई. जिससे संकेत मिल रहे हैं कि विदेशों में भारतीय सामान की मांग कम हो रही है. HSBC के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट का बयान घरेलू मांग में मजबूती का असर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों पर साफ दिखा है. HSBC के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्राजुल भंडारी के मुताबिक फैक्ट्रियों में काम करने की प्रक्रियाओं में सुधार आया है. साथ ही नई तकनीकों पर निवेश भी बढ़ा है. जिससे उत्पादन की गति में तेजी आई है.  अक्टूबर के बाद बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्होंने इन्हें प्रमुख वजह बताया है. इस ग्रोथ पर कंपनियों का कहना है कि बाजार में ग्राहकों की बढ़ती मांग और प्रभावी मार्केटिंग रणनीतियों के चलते नए ऑर्डर लगातार मिल रहे हैं. जिससे कामकाज में तेजी है.  देश की अर्थव्यवस्था रहेगी मजबूत हालिया आंकड़ों से संकेत मिल रहे है कि, आने वाले तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी दिख सकती है. देश की ग्रोथ अक्टूबर-दिसंबर में 7.8 प्रतिशत है. वहीं मैन्युफैक्चरिंग में 13.3 फीसदी की तेजी इकोनॉमी को सपोर्ट कर रही है.   यह भी पढ़ें: Middle East Tensions: क्यों इतना महत्वपूर्ण है स्ट्रैट ऑफ हॉर्मूज? रोजाना डेढ़ करोड़ बैरल तेल का होता है एक्सपोर्ट

Mar 3, 2026 - 14:30
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घरेलू मांग से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिला सपोर्ट, PMI पहुंचा 56.9 पर; अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत

India Manufacturing PMI Data: भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से एक राहत भरी खबर सामने आ रही है. HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स( PMI) बढ़कर 56.9 पर पहुंच गया है. जो पिछले 4 महीने का हाई लेवल है. जनवरी में यह आंकड़ा 55.4 के स्तर पर था.

रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. जिससे नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी है. यह रिपोर्ट S&P Global तैयार करती है. आइए जानते हैं, इस बारे में....  

पीएमआई आंकड़ों में तेजी

नवंबर में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों का संकेत देने वाला परचेजिंग मैनेजर्स’ इंडेक्स 56.6 पर रहा. जबकि जनवरी में यह 55.4 दर्ज किया गया था. 50 से ऊपर का स्तर विस्तार को दिखाता है, यानी सेक्टर में कामकाज बढ़ रहा है.

हालांकि निर्यात वृद्धि की रफ्तार करीब डेढ़ साल के निचले स्तर पर आ गई. जिससे संकेत मिल रहे हैं कि विदेशों में भारतीय सामान की मांग कम हो रही है.

HSBC के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट का बयान

घरेलू मांग में मजबूती का असर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों पर साफ दिखा है. HSBC के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्राजुल भंडारी के मुताबिक फैक्ट्रियों में काम करने की प्रक्रियाओं में सुधार आया है. साथ ही नई तकनीकों पर निवेश भी बढ़ा है. जिससे उत्पादन की गति में तेजी आई है. 

अक्टूबर के बाद बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्होंने इन्हें प्रमुख वजह बताया है. इस ग्रोथ पर कंपनियों का कहना है कि बाजार में ग्राहकों की बढ़ती मांग और प्रभावी मार्केटिंग रणनीतियों के चलते नए ऑर्डर लगातार मिल रहे हैं. जिससे कामकाज में तेजी है. 

देश की अर्थव्यवस्था रहेगी मजबूत

हालिया आंकड़ों से संकेत मिल रहे है कि, आने वाले तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी दिख सकती है. देश की ग्रोथ अक्टूबर-दिसंबर में 7.8 प्रतिशत है. वहीं मैन्युफैक्चरिंग में 13.3 फीसदी की तेजी इकोनॉमी को सपोर्ट कर रही है.  

यह भी पढ़ें: Middle East Tensions: क्यों इतना महत्वपूर्ण है स्ट्रैट ऑफ हॉर्मूज? रोजाना डेढ़ करोड़ बैरल तेल का होता है एक्सपोर्ट

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