क्यों अचानक बढ़ गई RAM की कीमतें? जानें महंगी मेमोरी का कारण

What is RAM: पिछले कुछ समय से स्मार्टफोन की कीमतों में काफी इजाफा देखने को मिला है. अब ज्यादा रैम वाले फोन महंगे हो चुके हैं. इतना ही नहीं, मार्केट में बजट फोन स्मार्टफोन अब ज्यादातर ऑउट ऑफ स्टॉक चल रहे हैं. बता दें कि महंगे स्मार्टफोन के पीछे रैम या मेमोरी चिप की बढ़ती कॉस्ट को बताया गया है. स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के अनुसार, महंगे मेमोरि चिप और दूसरे पार्ट्स की कमी के चलते स्मार्टफोन की कीमतों में इजाफा करना पड़ा है और अब कम कीमत वाले फोन पर कंपनियों को मुनाफा निकालना भी मुश्किल हो रहा है. लेकिन अब सवाल उठता है कि आखिर अचानक से कैसे रैम की कीमतें बढ़ गई हैं. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला. क्या होता है RAM दरअसल, RAM यानी Random Access Memory कंप्यूटर और स्मार्टफोन का एक बेहद जरूरी पार्ट माना जाता है. ये डिवाइस के प्रोसेसर को उस डेटा और फाइलों तक तेजी से पहुंचने में मदद करता है जिनकी उसे काम करते समय जरूरत पड़ती है. दरअसल, आपके स्टोरेज ड्राइव डेटा को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है जबकि RAM उस डेटा को कुछ समय के लिए अपने पास रखती है ताकि CPU उस डेटा का तेजी से इस्तेमालल कर सके. इसी वजह से ज्यादा RAM होने पर एक साथ कई ऐप्स और प्रोग्राम चलाना काफी आसान हो जाता है. RAM की कीमतों में कितना उछाल आया? जानकारी के अनुसार, RAM की कीमतों में हाल के समय में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, 32GB DDR5-4800 मेमोरी किट की कीमत पहले 100 डॉलर से कम हुआ करती थी लेकिन अब ये कई गुना बढ़ चुकी है. ऐसे में कंप्यूटर इस्तेमाल करने वालों के लिए अब रैम खरीदना काफी महंगा हो चुका है. क्या है RAM महंगी होने की वजह आपको बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में Artificial Intelligence के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए हजारों-लाखों हाई-परफॉर्मेंस GPU और मेमोरी की जरूरत होती है. ऐसे में AI कंपनियां भारी निवेश के दम पर बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग हार्डवेयर खरीद रही हैं. इससे मेमोरी बनाने वाली कंपनियों की प्रोडक्टिविटी पावर का बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर और AI से जुड़े ऑर्डरों की तरफ जा रहा है. इसी वजह से कंप्यूटर और स्मार्टफोन के लिए मेमोरी चिप तैयार नहीं हो पा रही हैं और इन डिवाइसों की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया में ज्यादातर RAM को Samsung, SK Hynix और Micron जैसी कंपनियां तैयार करती हैं. ये कंपनियां अरबों डॉलर की लागत वाली फैक्ट्रियों में बेहद मुश्किल सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मेमोरी चिप तैयार करती हैं. यह भी पढ़ें: घरों में क्यों लगाया जाता है MCB? जानें क्या होती है जरूरत

Aug 18, 2026 - 07:30
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क्यों अचानक बढ़ गई RAM की कीमतें? जानें महंगी मेमोरी का कारण

What is RAM: पिछले कुछ समय से स्मार्टफोन की कीमतों में काफी इजाफा देखने को मिला है. अब ज्यादा रैम वाले फोन महंगे हो चुके हैं. इतना ही नहीं, मार्केट में बजट फोन स्मार्टफोन अब ज्यादातर ऑउट ऑफ स्टॉक चल रहे हैं. बता दें कि महंगे स्मार्टफोन के पीछे रैम या मेमोरी चिप की बढ़ती कॉस्ट को बताया गया है.

स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के अनुसार, महंगे मेमोरि चिप और दूसरे पार्ट्स की कमी के चलते स्मार्टफोन की कीमतों में इजाफा करना पड़ा है और अब कम कीमत वाले फोन पर कंपनियों को मुनाफा निकालना भी मुश्किल हो रहा है. लेकिन अब सवाल उठता है कि आखिर अचानक से कैसे रैम की कीमतें बढ़ गई हैं. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

क्या होता है RAM

दरअसल, RAM यानी Random Access Memory कंप्यूटर और स्मार्टफोन का एक बेहद जरूरी पार्ट माना जाता है. ये डिवाइस के प्रोसेसर को उस डेटा और फाइलों तक तेजी से पहुंचने में मदद करता है जिनकी उसे काम करते समय जरूरत पड़ती है. दरअसल, आपके स्टोरेज ड्राइव डेटा को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है जबकि RAM उस डेटा को कुछ समय के लिए अपने पास रखती है ताकि CPU उस डेटा का तेजी से इस्तेमालल कर सके. इसी वजह से ज्यादा RAM होने पर एक साथ कई ऐप्स और प्रोग्राम चलाना काफी आसान हो जाता है.

RAM की कीमतों में कितना उछाल आया?

जानकारी के अनुसार, RAM की कीमतों में हाल के समय में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, 32GB DDR5-4800 मेमोरी किट की कीमत पहले 100 डॉलर से कम हुआ करती थी लेकिन अब ये कई गुना बढ़ चुकी है. ऐसे में कंप्यूटर इस्तेमाल करने वालों के लिए अब रैम खरीदना काफी महंगा हो चुका है.

क्या है RAM महंगी होने की वजह

आपको बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में Artificial Intelligence के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए हजारों-लाखों हाई-परफॉर्मेंस GPU और मेमोरी की जरूरत होती है.

ऐसे में AI कंपनियां भारी निवेश के दम पर बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग हार्डवेयर खरीद रही हैं. इससे मेमोरी बनाने वाली कंपनियों की प्रोडक्टिविटी पावर का बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर और AI से जुड़े ऑर्डरों की तरफ जा रहा है. इसी वजह से कंप्यूटर और स्मार्टफोन के लिए मेमोरी चिप तैयार नहीं हो पा रही हैं और इन डिवाइसों की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया में ज्यादातर RAM को Samsung, SK Hynix और Micron जैसी कंपनियां तैयार करती हैं. ये कंपनियां अरबों डॉलर की लागत वाली फैक्ट्रियों में बेहद मुश्किल सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मेमोरी चिप तैयार करती हैं.

यह भी पढ़ें:

घरों में क्यों लगाया जाता है MCB? जानें क्या होती है जरूरत

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