क्या रॉकेट की स्पीड से ऊपर भागेगी सोने-चांदी की कीमतें? ईरान-इजरायल जंग का क्या होगा असर?

Gold-Silver Prices: ईरान और इजरायल के बीच जंग छिड़ गई है. अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया है. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया. तनाव के इस माहौल में दुनिया के वित्तीय बाजारों में हलचल पैदा हो गई है. ग्लोबल मार्केट में एक बार फिर से निवेशक सेफ-हेवन मोड में जा रहे हैं. यानी कि अनिश्चितता के इस माहौल में लोग सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी पर दांव लगा रहे हैं. ऐसे में कीमतों के बढ़ने की आशंका तेज हो गई है.   क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स? एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी का रूख कर सकते हैं. इससे कीमतों में 10-15 परसेंट तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के गहराने से फाइनेंशियल मार्केट में पैनिक की स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे समय में लोग  सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं. एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि कीमती धातुओं में गैप-अप ओपनिंग देखने को मिल सकती है. COMEX गोल्ड को अभी 5300 प्रति औंस के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है. अगर यह लेवल टूटता है, तो भारत में सोने की कीमतें लगभग 1,68,000 से 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक बढ़ सकती हैं. क्यों सोना-चांदी है सेफ हेवन? शनिवार को तेहरान में इजरायल के हमले ने दुनिया को चौंका दिया. इस दौरान तेहरान में लोगों ने जोरदार धमाका सुनने की बात कही. जब युद्ध या राजनीतिक तनाव से अस्थिरता बढ़ती है, तब निवेशक स्टॉक मार्केट या करेंसी के बजाय सोने और चांदी को चुनते हैं क्योंकि इन्हें सेफ-हेवन माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि जंग के माहौल में करेंसी के कमजोर होने का डर रहता है, कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने से शेयर बाजार नीचे जा सकता है, लेकिन सोने की वास्तविक कीमत कभी जीरो नहीं होती है. सोने को हजारों सालों से संकट के समय का मुद्रा माना जाता रहा है. ऐसे में अनिश्चितता के समय लोग शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने-चांदी पर लगाते हैं.  MCX पर सोने-चांदी का ट्रेंड टेक्निकल नजरिए से देखें तो MCX गोल्ड 1,60,000 के लेवल से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है और अपनी पिछली रेंज से बाहर निकल गया है. कीमतें अभी 1,62,000 के आसपास स्थिर हैं. एनालिस्ट का मानना ​​है कि अगर गोल्ड 1,60,000 से ऊपर बना रहता है, तो यह जल्द ही 1,63,500 से 1,65,000 की ओर बढ़ सकता है. MCX सिल्वर में भी तेजी आई है और यह 2,80,000–2,85,000 रुपये की रेंज की ओर बढ़ रहा है. अगर यही ट्रेंड जारी रहता है और कीमतें जरूरी सपोर्ट लेवल से ऊपर रहती हैं, तो सिल्वर और बढ़कर 2,90,000–2,95,000 के आसपास पहुंच सकता है. ये भी पढ़ें: इजरायल-ईरान तनाव के बीच कच्चा तेल महंगा होने की आशंका, शेयर बाजार में बढ़ सकती है हलचल; जानिए डिटेल

Mar 1, 2026 - 10:30
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क्या रॉकेट की स्पीड से ऊपर भागेगी सोने-चांदी की कीमतें? ईरान-इजरायल जंग का क्या होगा असर?

Gold-Silver Prices: ईरान और इजरायल के बीच जंग छिड़ गई है. अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया है. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया. तनाव के इस माहौल में दुनिया के वित्तीय बाजारों में हलचल पैदा हो गई है.

ग्लोबल मार्केट में एक बार फिर से निवेशक सेफ-हेवन मोड में जा रहे हैं. यानी कि अनिश्चितता के इस माहौल में लोग सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी पर दांव लगा रहे हैं. ऐसे में कीमतों के बढ़ने की आशंका तेज हो गई है.  

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी का रूख कर सकते हैं. इससे कीमतों में 10-15 परसेंट तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के गहराने से फाइनेंशियल मार्केट में पैनिक की स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे समय में लोग  सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं.

एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि कीमती धातुओं में गैप-अप ओपनिंग देखने को मिल सकती है. COMEX गोल्ड को अभी 5300 प्रति औंस के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है. अगर यह लेवल टूटता है, तो भारत में सोने की कीमतें लगभग 1,68,000 से 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक बढ़ सकती हैं.

क्यों सोना-चांदी है सेफ हेवन?

शनिवार को तेहरान में इजरायल के हमले ने दुनिया को चौंका दिया. इस दौरान तेहरान में लोगों ने जोरदार धमाका सुनने की बात कही. जब युद्ध या राजनीतिक तनाव से अस्थिरता बढ़ती है, तब निवेशक स्टॉक मार्केट या करेंसी के बजाय सोने और चांदी को चुनते हैं क्योंकि इन्हें सेफ-हेवन माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि जंग के माहौल में करेंसी के कमजोर होने का डर रहता है, कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने से शेयर बाजार नीचे जा सकता है, लेकिन सोने की वास्तविक कीमत कभी जीरो नहीं होती है. सोने को हजारों सालों से संकट के समय का मुद्रा माना जाता रहा है. ऐसे में अनिश्चितता के समय लोग शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने-चांदी पर लगाते हैं. 

MCX पर सोने-चांदी का ट्रेंड

टेक्निकल नजरिए से देखें तो MCX गोल्ड 1,60,000 के लेवल से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है और अपनी पिछली रेंज से बाहर निकल गया है. कीमतें अभी 1,62,000 के आसपास स्थिर हैं. एनालिस्ट का मानना ​​है कि अगर गोल्ड 1,60,000 से ऊपर बना रहता है, तो यह जल्द ही 1,63,500 से 1,65,000 की ओर बढ़ सकता है.

MCX सिल्वर में भी तेजी आई है और यह 2,80,000–2,85,000 रुपये की रेंज की ओर बढ़ रहा है. अगर यही ट्रेंड जारी रहता है और कीमतें जरूरी सपोर्ट लेवल से ऊपर रहती हैं, तो सिल्वर और बढ़कर 2,90,000–2,95,000 के आसपास पहुंच सकता है.

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इजरायल-ईरान तनाव के बीच कच्चा तेल महंगा होने की आशंका, शेयर बाजार में बढ़ सकती है हलचल; जानिए डिटेल

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