क्या गाली देने से बढ़ता है कॉन्फिडेंस? शोध में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

हम सभी जानते हैं कि गाली देना बुरी बात होती है और एक सामाजिक इंसान या सभ्य समाज में गाली का कोई स्थान नहीं है. यह हमारे अंदर के हैवान और बुरे व्यक्तित्व को दर्शाता है. लेकिन एक शोध ने चौंकाने वाली बात हमारे सामने रखी है, जिसके अनुसार गाली देने से हमारे कॉन्फिडेंस लेवल में बढ़ोतरी हो सकती है.जब हम किसी शारीरिक मेहनत या मानसिक दबाव में होते हैं, तो गाली देने से हमारे शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है और जो काम हमें मुश्किल लगता है, उसे हम बेहतर तरीके से कर पाते हैं. शोध में क्या सामने आया? अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति गाली देता है, तो उसमें मुश्किल काम को करने की थोड़ी ताकत आ जाती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति गाली देता है, तो उसका दिमाग एक खास मनोवैज्ञानिक स्थिति में चला जाता है, जिसे स्टेट डिसइनहिबिशन कहा जाता है.इस स्थिति में व्यक्ति उस काम को करने की हिम्मत जुटा पाता है, जिससे वह पहले हिचकिचा रहा होता है या जिसे वह बहुत मुश्किल मानता है. ऐसे में व्यक्ति अपनी क्षमता से ज्यादा काम करने की कोशिश करता है. गाली देने से हमारे शरीर में कोई शारीरिक ताकत नहीं आती, बल्कि यह एक इमोशनल रिलीज की तरह काम करता है. इसमें व्यक्ति अपनी ताकत और खुद के द्वारा तय की गई सीमा को तोड़कर ज्यादा प्रयास करता है और काम को पूरा करने की कोशिश करता है. यूनिवर्सिटी रिसर्च में क्या हुआ? ब्रिटेन की कील यूनिवर्सिटी और अमेरिका की अलबामा यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों ने करीब 300 लोगों पर एक शोध किया. इस शोध में उन लोगों पर दो टेस्ट किए गए.पहले टेस्ट में लोगों से कहा गया कि वे कुर्सी पर बैठकर अपने हाथों के सहारे अपने शरीर को जितना ज्यादा समय तक उठा सकते हैं, उतनी देर तक उठाए रखें. शोध के दौरान कुछ लोगों को गाली देने के लिए कहा गया, जबकि कुछ लोगों को गाली देने से मना किया गया. गाली देने वालों का प्रदर्शन बेहतर रहा नतीजा चौंकाने वाला निकला, क्योंकि जिन लोगों ने गाली दी, वे ज्यादा समय तक अपने शरीर को हाथों के बल उठा पाए. रिसर्चर्स के अनुसार, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि गाली देने से उनके अंदर यह सोच कम हो गई कि अब उनसे यह काम नहीं हो पाएगा. इससे व्यक्ति जल्दी हार नहीं मानता और अपनी सीमाओं से आगे जाकर प्रयास करता है. यानी गाली देने से आदमी के अंदर कोई नई ताकत नहीं आती, बल्कि वह ज्यादा सोचने और डरने से बच जाता है. यह भी पढ़ें: Fatty Liver Disease: चेहरा दे रहा है फैटी लिवर का अलर्ट? नजरअंदाज करने से पहले जान लें ये 5 संकेत

Dec 30, 2025 - 09:30
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क्या गाली देने से बढ़ता है कॉन्फिडेंस? शोध में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

हम सभी जानते हैं कि गाली देना बुरी बात होती है और एक सामाजिक इंसान या सभ्य समाज में गाली का कोई स्थान नहीं है. यह हमारे अंदर के हैवान और बुरे व्यक्तित्व को दर्शाता है. लेकिन एक शोध ने चौंकाने वाली बात हमारे सामने रखी है, जिसके अनुसार गाली देने से हमारे कॉन्फिडेंस लेवल में बढ़ोतरी हो सकती है.
जब हम किसी शारीरिक मेहनत या मानसिक दबाव में होते हैं, तो गाली देने से हमारे शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है और जो काम हमें मुश्किल लगता है, उसे हम बेहतर तरीके से कर पाते हैं.

शोध में क्या सामने आया?

अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति गाली देता है, तो उसमें मुश्किल काम को करने की थोड़ी ताकत आ जाती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति गाली देता है, तो उसका दिमाग एक खास मनोवैज्ञानिक स्थिति में चला जाता है, जिसे स्टेट डिसइनहिबिशन कहा जाता है.
इस स्थिति में व्यक्ति उस काम को करने की हिम्मत जुटा पाता है, जिससे वह पहले हिचकिचा रहा होता है या जिसे वह बहुत मुश्किल मानता है. ऐसे में व्यक्ति अपनी क्षमता से ज्यादा काम करने की कोशिश करता है. गाली देने से हमारे शरीर में कोई शारीरिक ताकत नहीं आती, बल्कि यह एक इमोशनल रिलीज की तरह काम करता है. इसमें व्यक्ति अपनी ताकत और खुद के द्वारा तय की गई सीमा को तोड़कर ज्यादा प्रयास करता है और काम को पूरा करने की कोशिश करता है.

यूनिवर्सिटी रिसर्च में क्या हुआ?

ब्रिटेन की कील यूनिवर्सिटी और अमेरिका की अलबामा यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों ने करीब 300 लोगों पर एक शोध किया. इस शोध में उन लोगों पर दो टेस्ट किए गए.
पहले टेस्ट में लोगों से कहा गया कि वे कुर्सी पर बैठकर अपने हाथों के सहारे अपने शरीर को जितना ज्यादा समय तक उठा सकते हैं, उतनी देर तक उठाए रखें. शोध के दौरान कुछ लोगों को गाली देने के लिए कहा गया, जबकि कुछ लोगों को गाली देने से मना किया गया.

गाली देने वालों का प्रदर्शन बेहतर रहा

नतीजा चौंकाने वाला निकला, क्योंकि जिन लोगों ने गाली दी, वे ज्यादा समय तक अपने शरीर को हाथों के बल उठा पाए. रिसर्चर्स के अनुसार, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि गाली देने से उनके अंदर यह सोच कम हो गई कि अब उनसे यह काम नहीं हो पाएगा. इससे व्यक्ति जल्दी हार नहीं मानता और अपनी सीमाओं से आगे जाकर प्रयास करता है. यानी गाली देने से आदमी के अंदर कोई नई ताकत नहीं आती, बल्कि वह ज्यादा सोचने और डरने से बच जाता है.

यह भी पढ़ें: Fatty Liver Disease: चेहरा दे रहा है फैटी लिवर का अलर्ट? नजरअंदाज करने से पहले जान लें ये 5 संकेत

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