क्या आने वाला है सिंदूर 2.0? शनि, मंगल और केतु की चाल से हिलेगा भारत और दुनिया!
July 2025 Predictions: श्रावण मास के आगमन के साथ ही जुलाई 2025 में आकाश में कुछ ऐसे योग बनने जा रहे हैं जो सिर्फ धार्मिक रूप से नहीं, बल्कि राजनीतिक, वैश्विक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में भी तूफान ला सकते हैं. शनि वक्री, बुध वक्री, और मंगल-केतु की विस्फोटक युति, साथ ही भारत की मंगल महादशा का आरंभ, इतिहास को फिर से दोहराने वाले हैं, लेकिन एक नए अंदाज में. यह सिर्फ राशियों का खेल नहीं, राष्ट्रों की दिशा तय करने वाला समय बन सकता है. क्योंकि भविष्य पुराण के अनुसार कलौ चतुर्थे संप्राप्ते...युद्धो भयंकरो महान जुलाई 2025 की प्रमुख ज्योतिषीय घटनाएं तिथि ज्योतिषीय घटना संभावित प्रभाव 11 जुलाई श्रावण मास का आरंभ शिव साधना हेतु श्रेष्ठ समय 13 जुलाई शनि वक्री (उत्तर भाद्रपद) बड़े बदलाव, वैश्विक मंदी के संकेत 18 जुलाई बुध वक्री (कर्क राशि) तकनीकी/संचार में गड़बड़ी, डेटा लॉस सितंबर भारत की मंगल महादशा आरंभ सीमा पर सख्ती, आंतरिक शुद्धिकरण 19 अक्टूबर गुरु का कर्क राशि में गोचर नीति, धर्म और नेतृत्व में बदलाव मंगल-केतु युति: युद्ध और आग का योग जुलाई के अंतिम चरण में मंगल और केतु सिंह राशि में 26° पर पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में मिलेंगे. यह अग्नि तत्त्व का विस्फोटक योग है, जो राजनेताओं की हानि, सैन्य संघर्ष, प्राकृतिक आपदा (भूकंप, ज्वालामुखी, दंगे) का संकेत देता है. सिंह राशि ‘राज’ की और पूर्वा फाल्गुनी ‘सृजन और विनाश’ की, दोनों मिलकर एक राजनीतिक विस्फोटक काल का निर्माण कर सकते हैं. शनि वक्री: इतिहास दोहराएगा क्या? शनि धीरे पीसता है पर बारीक पीसता है. 1966 में जब शनि पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में वक्री थे, तब: गोपाष्टमी पर साधु-संतों पर गोली चली. भारत में राजनीतिक उथल-पुथल हुई. 2025 में वही शनि फिर उसी नक्षत्र में वक्री होंगे, और भारत की कृतिका नक्षत्र लग्न पर वेध बनाएंगे. सांस्कृतिक जागरण, नकली बाबाओं का पर्दाफाश, सनातन एकता का उभार. मंगल महादशा और भारत का पुनर्जागरण भारत की मंगल महादशा का आरंभ सितंबर 2025 में होगा, जो 7 वर्षों तक चलेगी. मंगल भूमि, साहस, सैनिक और शुद्धि का प्रतिनिधि ग्रह है. संभावित परिणाम घुसपैठियों और आतंकी तत्त्वों पर सर्जिकल क्लीनअप भूमिहीनों के लिए भूमि योजना ऑपरेशन सिंदूर 2.0 जैसे राष्ट्रवादी घटनाक्रम की संभावना बुध वक्री और डिजिटल संकट 18 जुलाई से 11 अगस्त तक बुध कर्क राशि में वक्री होगा: डेटा लॉस, संचार विफलता, ट्रैफिक ब्लैकआउट की संभावना सुझाव: कोई भी बड़ा निर्णय, डॉक्यूमेंट साइन या डिजिटल लॉन्च 11 अगस्त के बाद करना उचित रहेगा. राजनीतिक और आर्थिक संकेत सूर्य दक्षिणायन में राजा और मंत्री दोनों बनेंगे (वर्तमान संवत अनुसार). अगस्त-सितंबर में भारत के मंत्रिमंडल में फेरबदल संभव. बृहस्पति अतितारी और शनि वक्री से क्या होगा? पिछली बार यही योग कोविड-काल में था. इस बार भी वैश्विक आर्थिक झटके संभव. उपाय और साधना जुलाई में विशेष साधना करें महादेव का रुद्राभिषेक, हनुमान चालीसा, पद्म पुराण का श्रावण मास में पाठ रक्तदान या भूमि की सेवा, मंगल के दोष से बचाव के लिए. विश्व पर संभावित प्रभाव क्षेत्र प्रभाव भारत भारत सांस्कृतिक नवजागरण, मंत्रिमंडल परिवर्तन अमेरिका/यूरोप राजनीतिक सत्ता परिवर्तन चीन गुप्त सैन्य गतिविधियों में तेजी मध्य पूर्व धार्मिक संघर्ष या शांति समझौते जलवायु बाढ़, ताप वृद्धि, अस्थिर मानसून जुलाई 2025 महज एक महीना नहीं बल्कि एक युग परिवर्तन की घोषणा है! ग्रहों की चाल से स्पष्ट है कि आने वाला समय चुनौतियों, निर्णयों और दिशा परिवर्तन से भरा होगा. जो सतर्क, साधक और सजग रहेंगे, वे ग्रहों की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर उभरेंगे. FAQQ. क्या जुलाई 2025 में युद्ध का योग बन रहा है?हां, मंगल-केतु की युति और भारत की मंगल महादशा के आरंभ से सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और सैन्य कार्रवाई की संभावनाएँ प्रबल हैं. Q. बुध वक्री के दौरान क्या सावधानी रखें?डिजिटल डेटा का बैकअप लें, दस्तावेज़ों पर दस्तखत से बचें, और संचार में संयम रखें. Q. शनि वक्री का आध्यात्मिक प्रभाव क्या होगा?धार्मिक जगत में छद्म साधुओं का पर्दाफाश, सनातन एकता की नई लहर. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

July 2025 Predictions: श्रावण मास के आगमन के साथ ही जुलाई 2025 में आकाश में कुछ ऐसे योग बनने जा रहे हैं जो सिर्फ धार्मिक रूप से नहीं, बल्कि राजनीतिक, वैश्विक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में भी तूफान ला सकते हैं.
शनि वक्री, बुध वक्री, और मंगल-केतु की विस्फोटक युति, साथ ही भारत की मंगल महादशा का आरंभ, इतिहास को फिर से दोहराने वाले हैं, लेकिन एक नए अंदाज में. यह सिर्फ राशियों का खेल नहीं, राष्ट्रों की दिशा तय करने वाला समय बन सकता है. क्योंकि भविष्य पुराण के अनुसार कलौ चतुर्थे संप्राप्ते...युद्धो भयंकरो महान
जुलाई 2025 की प्रमुख ज्योतिषीय घटनाएं
तिथि | ज्योतिषीय घटना | संभावित प्रभाव |
11 जुलाई | श्रावण मास का आरंभ | शिव साधना हेतु श्रेष्ठ समय |
13 जुलाई | शनि वक्री (उत्तर भाद्रपद) | बड़े बदलाव, वैश्विक मंदी के संकेत |
18 जुलाई | बुध वक्री (कर्क राशि) | तकनीकी/संचार में गड़बड़ी, डेटा लॉस |
सितंबर | भारत की मंगल महादशा आरंभ | सीमा पर सख्ती, आंतरिक शुद्धिकरण |
19 अक्टूबर | गुरु का कर्क राशि में गोचर | नीति, धर्म और नेतृत्व में बदलाव |
मंगल-केतु युति: युद्ध और आग का योग
- जुलाई के अंतिम चरण में मंगल और केतु सिंह राशि में 26° पर पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में मिलेंगे.
- यह अग्नि तत्त्व का विस्फोटक योग है, जो राजनेताओं की हानि, सैन्य संघर्ष, प्राकृतिक आपदा (भूकंप, ज्वालामुखी, दंगे) का संकेत देता है.
- सिंह राशि ‘राज’ की और पूर्वा फाल्गुनी ‘सृजन और विनाश’ की, दोनों मिलकर एक राजनीतिक विस्फोटक काल का निर्माण कर सकते हैं.
शनि वक्री: इतिहास दोहराएगा क्या?
शनि धीरे पीसता है पर बारीक पीसता है.
- 1966 में जब शनि पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में वक्री थे, तब:
- गोपाष्टमी पर साधु-संतों पर गोली चली.
- भारत में राजनीतिक उथल-पुथल हुई.
2025 में वही शनि फिर उसी नक्षत्र में वक्री होंगे, और भारत की कृतिका नक्षत्र लग्न पर वेध बनाएंगे.
- सांस्कृतिक जागरण,
- नकली बाबाओं का पर्दाफाश,
- सनातन एकता का उभार.
मंगल महादशा और भारत का पुनर्जागरण
- भारत की मंगल महादशा का आरंभ सितंबर 2025 में होगा, जो 7 वर्षों तक चलेगी.
- मंगल भूमि, साहस, सैनिक और शुद्धि का प्रतिनिधि ग्रह है.
संभावित परिणाम
- घुसपैठियों और आतंकी तत्त्वों पर सर्जिकल क्लीनअप
- भूमिहीनों के लिए भूमि योजना
- ऑपरेशन सिंदूर 2.0 जैसे राष्ट्रवादी घटनाक्रम की संभावना
बुध वक्री और डिजिटल संकट
- 18 जुलाई से 11 अगस्त तक बुध कर्क राशि में वक्री होगा:
- डेटा लॉस, संचार विफलता, ट्रैफिक ब्लैकआउट की संभावना
सुझाव: कोई भी बड़ा निर्णय, डॉक्यूमेंट साइन या डिजिटल लॉन्च 11 अगस्त के बाद करना उचित रहेगा.
राजनीतिक और आर्थिक संकेत
- सूर्य दक्षिणायन में राजा और मंत्री दोनों बनेंगे (वर्तमान संवत अनुसार).
- अगस्त-सितंबर में भारत के मंत्रिमंडल में फेरबदल संभव.
बृहस्पति अतितारी और शनि वक्री से क्या होगा?
- पिछली बार यही योग कोविड-काल में था.
- इस बार भी वैश्विक आर्थिक झटके संभव.
उपाय और साधना
जुलाई में विशेष साधना करें
- महादेव का रुद्राभिषेक,
- हनुमान चालीसा,
- पद्म पुराण का श्रावण मास में पाठ
- रक्तदान या भूमि की सेवा, मंगल के दोष से बचाव के लिए.
विश्व पर संभावित प्रभाव
क्षेत्र | प्रभाव |
भारत | भारत सांस्कृतिक नवजागरण, मंत्रिमंडल परिवर्तन |
अमेरिका/यूरोप | राजनीतिक सत्ता परिवर्तन |
चीन | गुप्त सैन्य गतिविधियों में तेजी |
मध्य पूर्व | धार्मिक संघर्ष या शांति समझौते |
जलवायु | बाढ़, ताप वृद्धि, अस्थिर मानसून |
जुलाई 2025 महज एक महीना नहीं बल्कि एक युग परिवर्तन की घोषणा है!
- ग्रहों की चाल से स्पष्ट है कि आने वाला समय चुनौतियों, निर्णयों और दिशा परिवर्तन से भरा होगा.
- जो सतर्क, साधक और सजग रहेंगे, वे ग्रहों की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर उभरेंगे.
FAQ
Q. क्या जुलाई 2025 में युद्ध का योग बन रहा है?
हां, मंगल-केतु की युति और भारत की मंगल महादशा के आरंभ से सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और सैन्य कार्रवाई की संभावनाएँ प्रबल हैं.
Q. बुध वक्री के दौरान क्या सावधानी रखें?
डिजिटल डेटा का बैकअप लें, दस्तावेज़ों पर दस्तखत से बचें, और संचार में संयम रखें.
Q. शनि वक्री का आध्यात्मिक प्रभाव क्या होगा?
धार्मिक जगत में छद्म साधुओं का पर्दाफाश, सनातन एकता की नई लहर.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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