कन्या राशि वालों के लिए चौंका देने वाले पांच साल! क्या शुरू होने वाला है सबसे बड़ा इम्तिहान?

Kanya Rashi Prediction 2025-2030: कन्या राशि (Virgo) के जातक हमेशा से व्यावहारिक, अनुशासित और तर्कपूर्ण जीवन के लिए पहचाने जाते हैं. बुध इस राशि का स्वामी है और इसी कारण ज्ञान, विश्लेषण क्षमता और मेहनत इनके जीवन का आधार होती है. लेकिन वैदिक ज्योतिष कहता है कि हर राशि को समय-समय पर ग्रहों की परीक्षा से गुजरना पड़ता है. बृहज्जातक में कहा गया है कि ग्रहाः शुभाशुभाः सर्वे जीवितं चालयन्ति. अर्थात ग्रह चाहे शुभ हों या अशुभ, वे जीवन की दिशा अवश्य बदलते हैं. 2023–2024 में शनि और राहु-केतु ने कड़ी परीक्षा ली. कन्या के लिए देखा जाए 2023 से 2030 तक का समय विशेष रहा है, तीन साल बीत चुके हैं, अब पांच साल शेष हैं. देखा जाए तो 17 जनवरी 2023 को शनि कुंभ राशि में आए थे. जिसके कारण कन्या राशि वालों के लिए ये समय कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य की कठिनाइयों वाला रहा. राहु ने भाग्य भाव को उलझाया और केतु ने रिश्तों में खटास पैदा की. जिस कारण करियर में प्रमोशन टले और कई बार काम अधूरे रहे. बृहत्संहिता में वराहमिहिर लिखते हैं- शनि: कर्मसु बाधकः. यानि शनि कर्म में बाधा डालता है. इस अवधि ने कन्या जातकों को धैर्य और संयम की असली परीक्षा देनी पड़ी थी. 2025–26: गुरु और शनि का संयोग क्या करने जा रहा है?29 मार्च 2025 को शनि मीन राशि में आए. जिस कारण इस समयकाल में नौकरी में तरक्की या नया अवसर. शिक्षा में अचानक सफलता का योग बना, लेकिन परिवार में विवाद और मानसिक बेचैनी की स्थिति भी देखने को मिलेगी. शनि: शत्रु हितं न कुर्यात् अपि स्नेहेन पीडयेत्. यानी शनि मित्र को भी परखता है. यानी जहां गुरु आपका उत्थान करेंगे, वहीं शनि आपकी मानसिकता को कठोर परीक्षा में डालेंगे. 2027–28: राहु-केतु का उलटफेरपंचांग अनुसार 2027 में राहु कर्क और केतु मकर राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं गुरु मिथुन और कर्क राशि में गोचर करेंगे. जो कुछ मामलों में शुभ तो कुछ में दिक्कत दे सकते हैं. प्रभावविदेश यात्रा और उच्च शिक्षा का योग.व्यवसाय में साझेदारी से लाभ.लेकिन रिश्तों में गहरी दरार और भावनात्मक संकट. राहु केतु को लेकर शास्त्र में क्या लिखा है?राहुकेत्वोः प्रबलत्वे जनाः भ्रान्तिं प्राप्नुवन्ति. यानी जब राहु-केतु प्रभावी होते हैं तो लोग भ्रम और अस्थिरता में पड़ जाते हैं. इस समय कन्या राशि वालों को सबसे ज़्यादा सतर्क रहना होगा, क्योंकि जो अवसर दिखेंगे, उनमें छुपे जोखिम भी होंगे. 2029–30: गुरु का कन्या राशि में आगमनपंचांग अनुसार 2029 में गुरु सिंह में और 2030 में कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. गुरु का कन्या राशि में गोचर आत्मचिंतन और कर्मफल का समय होता है. प्रभाव: शिक्षा और शोध में गहरी सफलता मिलेगी. वहीं आध्यात्मिकता की ओर झुकाव देखने को मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य और मानसिक शांति को लेकर चुनौतियां भी बन रही हैं. ज्योतिष ग्रंथ क्या कहते हैं?गुरौ कन्यां गते नित्यं अध्ययनं तु विशेषतः यानी गुरु कन्या राशि में हों तो अध्ययन और शोध विशेष रूप से बढ़ता है. यह समय आपको ज्ञान देगा, लेकिन साथ ही थकान और आत्मसंघर्ष भी. कन्या राशि वालों पर छुपे हुए प्रभाव2025–26: धन और करियर का उन्नति काल, पर परिवारिक कलह और मानसिक बेचैनी.2027–28: विदेश यात्रा और अवसर, पर रिश्तों का टूटना.2029–30: ज्ञान और आध्यात्मिकता में उन्नति, लेकिन स्वास्थ्य संकट. उपाय (Remedies)बुध ग्रह शांति: हर बुधवार दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और हरे वस्त्र धारण करें.शनि ढैय्या: शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएं और शनि मंत्र का जाप करें.राहु-केतु: मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें.गुरु की कृपा: गुरुवार को पीली वस्तुएं दान करें, विशेषकर चना और हल्दी. ये उपाय केवल शास्त्रसम्मत नहीं, बल्कि जीवन को स्थिरता और आत्मबल देने वाले भी हैं. 2023 से 2030 तक कन्या राशि वालों के लिए एक महत्वपूर्ण कालखंड2023–24 में धैर्य और संयम सीखा.2025–26 में सफलता के साथ रिश्तों की परीक्षा.2027–28 में विदेश और नए अवसरों के बीच भरोसे की दरार.2029–30 में ज्ञान की रोशनी, लेकिन शरीर-मन की थकान. ग्रह संकेत देते हैं, लेकिन अंतिम राह आपके कर्म और धैर्य से ही तय होगी. इसलिए कर्म के प्रति ईमानदार रहें. बृहज्जातक का यह श्लोक सही तस्वीर पेश करता है!फलानि ग्रहचारेण तानि कर्मफलानि च. अर्थात- ग्रह केवल कर्म का आईना हैं, असली शक्ति आपके प्रयासों में है. 2023–24 में शनि कुंभ राशि और राहु-केतु के प्रभाव ने कन्या राशि वालों के कामकाज और रिश्तों में बाधाएं डालीं. यह समय अधिक मेहनत लेकिन कम फल का रहा, जिससे धैर्य और संयम की सीख मिली. वहीं 2025–26 में गुरु मेष और वृष राशि से करियर और शिक्षा में अवसर देंगे, लेकिन शनि की ढैय्या शुरू होने के कारण मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह बढ़ सकते हैं. यह अवधि वरदान और परीक्षा दोनों को साथ लेकर आती है. इसके बाद 2027–28 में राहु-केतु का बड़ा उलटफेर होगा, जो विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा और नए अवसरों के द्वार खोलेगा, लेकिन भरोसेमंद रिश्तों में दरार की आशंका भी देगा. 2029–30 का समय गुरु के कन्या राशि में प्रवेश से ज्ञान, अध्ययन और आध्यात्मिकता में प्रगति लाएगा, हालांकि स्वास्थ्य और मानसिक ऊर्जा को लेकर चुनौतियां सामने आएंगी. कुल मिलाकर इन पांच वर्षों का हर चरण अवसरों और संकटों का अनोखा संगम साबित होगा. FAQsQ1. क्या 2025–26 में कन्या राशि वालों को नौकरी में बड़ा लाभ मिलेगा?हां, गुरु की कृपा से नौकरी और करियर में उन्नति होगी, लेकिन शनि ढैय्या मानसिक तनाव बढ़ाएगी.Q2. 2027–28 में राहु-केतु का प्रभाव क्या रहेगा?विदेश यात्रा और पढ़ाई में सफलता मिलेगी, मगर रिश्तों और भरोसे में संकट आ सकता है.Q3. 2029–30 में गुरु कन्या राशि में क्या देंगे?ज्ञान और शोध में गहरी प्रगति, पर स्वास्थ्य और मानसिक ऊर्जा पर बोझ.Q4. इन वर्षों की सबसे बड़

Aug 29, 2025 - 14:30
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कन्या राशि वालों के लिए चौंका देने वाले पांच साल! क्या शुरू होने वाला है सबसे बड़ा इम्तिहान?

Kanya Rashi Prediction 2025-2030: कन्या राशि (Virgo) के जातक हमेशा से व्यावहारिक, अनुशासित और तर्कपूर्ण जीवन के लिए पहचाने जाते हैं. बुध इस राशि का स्वामी है और इसी कारण ज्ञान, विश्लेषण क्षमता और मेहनत इनके जीवन का आधार होती है. लेकिन वैदिक ज्योतिष कहता है कि हर राशि को समय-समय पर ग्रहों की परीक्षा से गुजरना पड़ता है.

बृहज्जातक में कहा गया है कि ग्रहाः शुभाशुभाः सर्वे जीवितं चालयन्ति. अर्थात ग्रह चाहे शुभ हों या अशुभ, वे जीवन की दिशा अवश्य बदलते हैं.

2023–2024 में शनि और राहु-केतु ने कड़ी परीक्षा ली. कन्या के लिए देखा जाए 2023 से 2030 तक का समय विशेष रहा है, तीन साल बीत चुके हैं, अब पांच साल शेष हैं. देखा जाए तो 17 जनवरी 2023 को शनि कुंभ राशि में आए थे.

जिसके कारण कन्या राशि वालों के लिए ये समय कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य की कठिनाइयों वाला रहा. राहु ने भाग्य भाव को उलझाया और केतु ने रिश्तों में खटास पैदा की. जिस कारण करियर में प्रमोशन टले और कई बार काम अधूरे रहे.

बृहत्संहिता में वराहमिहिर लिखते हैं- शनि: कर्मसु बाधकः. यानि शनि कर्म में बाधा डालता है. इस अवधि ने कन्या जातकों को धैर्य और संयम की असली परीक्षा देनी पड़ी थी.

2025–26: गुरु और शनि का संयोग क्या करने जा रहा है?
29 मार्च 2025 को शनि मीन राशि में आए. जिस कारण इस समयकाल में नौकरी में तरक्की या नया अवसर. शिक्षा में अचानक सफलता का योग बना, लेकिन परिवार में विवाद और मानसिक बेचैनी की स्थिति भी देखने को मिलेगी.

शनि: शत्रु हितं न कुर्यात् अपि स्नेहेन पीडयेत्. यानी शनि मित्र को भी परखता है. यानी जहां गुरु आपका उत्थान करेंगे, वहीं शनि आपकी मानसिकता को कठोर परीक्षा में डालेंगे.

2027–28: राहु-केतु का उलटफेर
पंचांग अनुसार 2027 में राहु कर्क और केतु मकर राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं गुरु मिथुन और कर्क राशि में गोचर करेंगे. जो कुछ मामलों में शुभ तो कुछ में दिक्कत दे सकते हैं.

प्रभाव
विदेश यात्रा और उच्च शिक्षा का योग.
व्यवसाय में साझेदारी से लाभ.
लेकिन रिश्तों में गहरी दरार और भावनात्मक संकट.

राहु केतु को लेकर शास्त्र में क्या लिखा है?
राहुकेत्वोः प्रबलत्वे जनाः भ्रान्तिं प्राप्नुवन्ति. यानी जब राहु-केतु प्रभावी होते हैं तो लोग भ्रम और अस्थिरता में पड़ जाते हैं. इस समय कन्या राशि वालों को सबसे ज़्यादा सतर्क रहना होगा, क्योंकि जो अवसर दिखेंगे, उनमें छुपे जोखिम भी होंगे.

2029–30: गुरु का कन्या राशि में आगमन
पंचांग अनुसार 2029 में गुरु सिंह में और 2030 में कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. गुरु का कन्या राशि में गोचर आत्मचिंतन और कर्मफल का समय होता है.

प्रभाव: शिक्षा और शोध में गहरी सफलता मिलेगी. वहीं आध्यात्मिकता की ओर झुकाव देखने को मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य और मानसिक शांति को लेकर चुनौतियां भी बन रही हैं.

ज्योतिष ग्रंथ क्या कहते हैं?
गुरौ कन्यां गते नित्यं अध्ययनं तु विशेषतः यानी गुरु कन्या राशि में हों तो अध्ययन और शोध विशेष रूप से बढ़ता है. यह समय आपको ज्ञान देगा, लेकिन साथ ही थकान और आत्मसंघर्ष भी.

कन्या राशि वालों पर छुपे हुए प्रभाव
2025–26: धन और करियर का उन्नति काल, पर परिवारिक कलह और मानसिक बेचैनी.
2027–28: विदेश यात्रा और अवसर, पर रिश्तों का टूटना.
2029–30: ज्ञान और आध्यात्मिकता में उन्नति, लेकिन स्वास्थ्य संकट.

उपाय (Remedies)
बुध ग्रह शांति: हर बुधवार दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और हरे वस्त्र धारण करें.
शनि ढैय्या: शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएं और शनि मंत्र का जाप करें.
राहु-केतु: मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें.
गुरु की कृपा: गुरुवार को पीली वस्तुएं दान करें, विशेषकर चना और हल्दी.

ये उपाय केवल शास्त्रसम्मत नहीं, बल्कि जीवन को स्थिरता और आत्मबल देने वाले भी हैं.

2023 से 2030 तक कन्या राशि वालों के लिए एक महत्वपूर्ण कालखंड
2023–24 में धैर्य और संयम सीखा.
2025–26 में सफलता के साथ रिश्तों की परीक्षा.
2027–28 में विदेश और नए अवसरों के बीच भरोसे की दरार.
2029–30 में ज्ञान की रोशनी, लेकिन शरीर-मन की थकान.

ग्रह संकेत देते हैं, लेकिन अंतिम राह आपके कर्म और धैर्य से ही तय होगी. इसलिए कर्म के प्रति ईमानदार रहें.

बृहज्जातक का यह श्लोक सही तस्वीर पेश करता है!
फलानि ग्रहचारेण तानि कर्मफलानि च. अर्थात- ग्रह केवल कर्म का आईना हैं, असली शक्ति आपके प्रयासों में है.

2023–24 में शनि कुंभ राशि और राहु-केतु के प्रभाव ने कन्या राशि वालों के कामकाज और रिश्तों में बाधाएं डालीं. यह समय अधिक मेहनत लेकिन कम फल का रहा, जिससे धैर्य और संयम की सीख मिली.

वहीं 2025–26 में गुरु मेष और वृष राशि से करियर और शिक्षा में अवसर देंगे, लेकिन शनि की ढैय्या शुरू होने के कारण मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह बढ़ सकते हैं. यह अवधि वरदान और परीक्षा दोनों को साथ लेकर आती है.

इसके बाद 2027–28 में राहु-केतु का बड़ा उलटफेर होगा, जो विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा और नए अवसरों के द्वार खोलेगा, लेकिन भरोसेमंद रिश्तों में दरार की आशंका भी देगा.

2029–30 का समय गुरु के कन्या राशि में प्रवेश से ज्ञान, अध्ययन और आध्यात्मिकता में प्रगति लाएगा, हालांकि स्वास्थ्य और मानसिक ऊर्जा को लेकर चुनौतियां सामने आएंगी. कुल मिलाकर इन पांच वर्षों का हर चरण अवसरों और संकटों का अनोखा संगम साबित होगा.

FAQs
Q1. क्या 2025–26 में कन्या राशि वालों को नौकरी में बड़ा लाभ मिलेगा?
हां, गुरु की कृपा से नौकरी और करियर में उन्नति होगी, लेकिन शनि ढैय्या मानसिक तनाव बढ़ाएगी.
Q2. 2027–28 में राहु-केतु का प्रभाव क्या रहेगा?
विदेश यात्रा और पढ़ाई में सफलता मिलेगी, मगर रिश्तों और भरोसे में संकट आ सकता है.
Q3. 2029–30 में गुरु कन्या राशि में क्या देंगे?
ज्ञान और शोध में गहरी प्रगति, पर स्वास्थ्य और मानसिक ऊर्जा पर बोझ.
Q4. इन वर्षों की सबसे बड़ी चेतावनी क्या है?
जो अवसर वरदान दिखेंगे, वही चुनौती भी छुपाए होंगे. सावधानी और धैर्य ही बचाव है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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