ओवैसी होते प्रधानमंत्री तो पहलगाम अटैक के बाद क्या होता एक्शन? AIMIM चीफ ने दिया चौंकाने वाला जवाब

AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार (30 सितंबर) को कहा कि वह कल्पना में प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर नहीं सोचते. उन्होंने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों और वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना पसंद करते हैं. ओवैसी ने पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं इन चीज़ों के बारे में सपना देखने में दिलचस्पी नहीं रखता. मैं हकीकत पर ध्यान देता हूँ और अपनी सीमाओं को समझता हूँ. मेरा मकसद सिर्फ प्रधानमंत्री बनना या मंत्री बनना नहीं है.” पाहलगाम आतंकवादी हमले पर क्या बोले ओवैसी? उन्होंने कहा कि पाहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने का मौका गंवा दिया. उन्होंने पूछा कि क्यों सेना की कार्रवाई रोक दी गई, जबकि पूरे देश में पाकिस्तान को जवाब देने की तैयारियां थी. ओवैसी ने बताया कि उस समय युद्ध जैसी स्थिति थी क्योंकि पाकिस्तान से ड्रोन पश्चिमी सीमा पर उड़ रहे थे, गुजरात से लेकर कश्मीर तक. उन्होंने कहा, “पूरा देश पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार था, लेकिन सरकार ने कार्रवाई रोक दी. ऐसे मौके फिर नहीं आते, लेकिन सरकार ने यह अवसर गंवा दिया.” संसद में पीओके पर चर्चा करने की बात का जिक्र उन्होंने संसद में पीओके पर चर्चा करने की बात का भी ज़िक्र किया और कहा कि वास्तविक कार्रवाई में अवसर खो गया. अधिकारिक तौर पर भारत कहता है कि ऑपरेशन सिंदूर को केवल रोक दिया गया था, बंद नहीं किया गया. इस ऑपरेशन के तहत 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की हत्या के बाद सेना ने आतंकियों के ठिकानों और हवाईअड्डों पर हवाई हमले किए थे. ओवैसी ने हाल ही में संपन्न एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत के पाकिस्तान के प्रति रुख की भी आलोचना की. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि AIMIM महाराष्ट्र में आने वाले स्थानीय चुनावों में भाग लेगी. ये भी पढ़ें- भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर PAK आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने ट्रंप से क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद किया बड़ा खुलासा

Oct 1, 2025 - 09:30
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ओवैसी होते प्रधानमंत्री तो पहलगाम अटैक के बाद क्या होता एक्शन? AIMIM चीफ ने दिया चौंकाने वाला जवाब

AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार (30 सितंबर) को कहा कि वह कल्पना में प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर नहीं सोचते. उन्होंने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों और वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना पसंद करते हैं. ओवैसी ने पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं इन चीज़ों के बारे में सपना देखने में दिलचस्पी नहीं रखता. मैं हकीकत पर ध्यान देता हूँ और अपनी सीमाओं को समझता हूँ. मेरा मकसद सिर्फ प्रधानमंत्री बनना या मंत्री बनना नहीं है.”

पाहलगाम आतंकवादी हमले पर क्या बोले ओवैसी?

उन्होंने कहा कि पाहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने का मौका गंवा दिया. उन्होंने पूछा कि क्यों सेना की कार्रवाई रोक दी गई, जबकि पूरे देश में पाकिस्तान को जवाब देने की तैयारियां थी.

ओवैसी ने बताया कि उस समय युद्ध जैसी स्थिति थी क्योंकि पाकिस्तान से ड्रोन पश्चिमी सीमा पर उड़ रहे थे, गुजरात से लेकर कश्मीर तक. उन्होंने कहा, “पूरा देश पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार था, लेकिन सरकार ने कार्रवाई रोक दी. ऐसे मौके फिर नहीं आते, लेकिन सरकार ने यह अवसर गंवा दिया.”

संसद में पीओके पर चर्चा करने की बात का जिक्र

उन्होंने संसद में पीओके पर चर्चा करने की बात का भी ज़िक्र किया और कहा कि वास्तविक कार्रवाई में अवसर खो गया. अधिकारिक तौर पर भारत कहता है कि ऑपरेशन सिंदूर को केवल रोक दिया गया था, बंद नहीं किया गया. इस ऑपरेशन के तहत 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की हत्या के बाद सेना ने आतंकियों के ठिकानों और हवाईअड्डों पर हवाई हमले किए थे.

ओवैसी ने हाल ही में संपन्न एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत के पाकिस्तान के प्रति रुख की भी आलोचना की. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि AIMIM महाराष्ट्र में आने वाले स्थानीय चुनावों में भाग लेगी.

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भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर PAK आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने ट्रंप से क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद किया बड़ा खुलासा

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