ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 की झलक से कांपा पाकिस्तान, पोखरण में भारतीय वायुसेना ने गिराया 12 टन बारूद
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारतीय वायुसेना की सबसे दमदार फायरिंग ड्रिल में कुल 277 आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर वायु योद्धाओं ने अपनी सटीक मारक क्षमता का प्रदर्शन किया. क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर को महज रोका गया है खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में अगर पाकिस्तान ने फिर पहलगाम नरसंहार जैसी कोई गलती की तो सिंदूर पार्ट-2 छेड़ दिया जाएगा, जो मई 2025 से ज्यादा घातक होगा. ड्रिल देखने पहुंचीं राष्ट्रपति इस ड्रिल में राफेल,सुखोई-30, मिराज-2000, जगुआर और प्रचंड, अपाचे, चिनूक जैसे हेलीकॉप्टर ने अपनी ताकत दिखाई. करीब 120 फाइटर एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर ने मिलकर पाकिस्तानी सीमा पर अपना दम दिखाया. इस ड्रिल को देखने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. जैसलमेर जिले में थार के रेगिस्तानी इलाके में वायुसेना ने इस अभ्यास में अपनी जंगी ताकत दिखाई. वायुसेना की ताकत से थर्राया पाकिस्तानदो वर्ष में एक बार होने वाली वायुशक्ति एक्सरसाइज के दौरान ऑपरेशन सिंदूर (7-10 मई) में किए गए हमलों को भी पोखरण रेंज में सिम्युलेट किया गया. साथ में देशवासियों को वायुसेना की ताकत से रूबरू कराया गया. एक्सरसाइज का एक उद्देश्य, देश के युवाओं को वायुसेना के प्रति आर्कषित करना भी है. एक्सरसाइज के जरिए चीन और पाकिस्तान को भी एक मैसेज देने की तैयारी है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, चीन और पाकिस्तान का भारत के खिलाफ गठजोड़ देखा गया था. चीन के फाइटर जेट और एयर टू एयर मिसाइलों के अलावा सैटेलाइट ने भी भारतीय वायुसेना के मूवमेंट की जानकारी पाकिस्तान से साझा की थी. पहलगाम नरसंहार (22 अप्रैल 2025) का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के हेडक्वार्टर को तबाह करने के साथ पाकिस्तान के 11 एयरबेस और 2 रडार स्टेशन को जबरदस्त बमबारी से बर्बाद किया था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना ने कई बड़ी एक्सरसाइज का आयोजन किया है लेकिन वायुशक्ति के जरिए इतना बड़ा फायर पावर डेमो पहली बार किया गया. अभ्‍यास के दौरान तीन किलोमीटर के इलाके में फैले लक्ष्यों को दिखाया गया. प्रदर्शन के लिए बनाए गए लक्ष्यों में दुश्मन का रनवे, पेट्रोलियम भंडार, बंकर, राडार स्थल, टैंक और सशस्त्र काफिले, कम्युनिकेशन सेंटर, आतंकी शिविर, शस्त्र भंडार और हैंगर शामिल था. इसके बाद लड़ाकू विमान, युद्धक हेलीकॉप्टर ने तालमेल बिठाकर ऑपरेशन शुरू किया. इसमें रणनीति बनाना, लक्ष्य को चिह्नित करना और लक्ष्यों को तबाह करना शामिल है. इसके तहत जैगुआर और मिराज लड़ाकू जैसे विमानों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अपने 'हमले के समन्वित तरीके' को दोहराते हुए एक साथ लक्ष्यों को निशाना बनाया. सुखोई और राफेल लड़ाकू जेट ने 'आतंकी अड्डों' पर हमला किया. स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' ने 'रीफ्यूलिंग पॉइंट' पर हमला करके अपनी फुर्ती दिखाई. अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, मिराज लड़ाकू विमान और एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर ने भी समन्वित ऑपरेशन में हिस्सा लिया. वायुशक्ति एक्सरसाइज में फायर पावर डेमो के साथ जबरदस्त ड्रोन शो भी किया गया. इस शो में ऑपरेशन सिंदूर को ड्रोन के जरिए दर्शाया गया. ये भी पढ़ें उदय भानु चिब को मिली जमानत, AI समिट प्रदर्शन मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने दी राहत
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारतीय वायुसेना की सबसे दमदार फायरिंग ड्रिल में कुल 277 आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर वायु योद्धाओं ने अपनी सटीक मारक क्षमता का प्रदर्शन किया. क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर को महज रोका गया है खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में अगर पाकिस्तान ने फिर पहलगाम नरसंहार जैसी कोई गलती की तो सिंदूर पार्ट-2 छेड़ दिया जाएगा, जो मई 2025 से ज्यादा घातक होगा.
ड्रिल देखने पहुंचीं राष्ट्रपति
इस ड्रिल में राफेल,सुखोई-30, मिराज-2000, जगुआर और प्रचंड, अपाचे, चिनूक जैसे हेलीकॉप्टर ने अपनी ताकत दिखाई. करीब 120 फाइटर एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर ने मिलकर पाकिस्तानी सीमा पर अपना दम दिखाया. इस ड्रिल को देखने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. जैसलमेर जिले में थार के रेगिस्तानी इलाके में वायुसेना ने इस अभ्यास में अपनी जंगी ताकत दिखाई.
वायुसेना की ताकत से थर्राया पाकिस्तान
दो वर्ष में एक बार होने वाली वायुशक्ति एक्सरसाइज के दौरान ऑपरेशन सिंदूर (7-10 मई) में किए गए हमलों को भी पोखरण रेंज में सिम्युलेट किया गया. साथ में देशवासियों को वायुसेना की ताकत से रूबरू कराया गया. एक्सरसाइज का एक उद्देश्य, देश के युवाओं को वायुसेना के प्रति आर्कषित करना भी है. एक्सरसाइज के जरिए चीन और पाकिस्तान को भी एक मैसेज देने की तैयारी है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, चीन और पाकिस्तान का भारत के खिलाफ गठजोड़ देखा गया था. चीन के फाइटर जेट और एयर टू एयर मिसाइलों के अलावा सैटेलाइट ने भी भारतीय वायुसेना के मूवमेंट की जानकारी पाकिस्तान से साझा की थी.
पहलगाम नरसंहार (22 अप्रैल 2025) का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के हेडक्वार्टर को तबाह करने के साथ पाकिस्तान के 11 एयरबेस और 2 रडार स्टेशन को जबरदस्त बमबारी से बर्बाद किया था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना ने कई बड़ी एक्सरसाइज का आयोजन किया है लेकिन वायुशक्ति के जरिए इतना बड़ा फायर पावर डेमो पहली बार किया गया.
अभ्यास के दौरान तीन किलोमीटर के इलाके में फैले लक्ष्यों को दिखाया गया. प्रदर्शन के लिए बनाए गए लक्ष्यों में दुश्मन का रनवे, पेट्रोलियम भंडार, बंकर, राडार स्थल, टैंक और सशस्त्र काफिले, कम्युनिकेशन सेंटर, आतंकी शिविर, शस्त्र भंडार और हैंगर शामिल था. इसके बाद लड़ाकू विमान, युद्धक हेलीकॉप्टर ने तालमेल बिठाकर ऑपरेशन शुरू किया. इसमें रणनीति बनाना, लक्ष्य को चिह्नित करना और लक्ष्यों को तबाह करना शामिल है.
इसके तहत जैगुआर और मिराज लड़ाकू जैसे विमानों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अपने 'हमले के समन्वित तरीके' को दोहराते हुए एक साथ लक्ष्यों को निशाना बनाया. सुखोई और राफेल लड़ाकू जेट ने 'आतंकी अड्डों' पर हमला किया. स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' ने 'रीफ्यूलिंग पॉइंट' पर हमला करके अपनी फुर्ती दिखाई. अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, मिराज लड़ाकू विमान और एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर ने भी समन्वित ऑपरेशन में हिस्सा लिया. वायुशक्ति एक्सरसाइज में फायर पावर डेमो के साथ जबरदस्त ड्रोन शो भी किया गया. इस शो में ऑपरेशन सिंदूर को ड्रोन के जरिए दर्शाया गया.
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