एक ही दिन में 90 फीसदी कैसे गिर गया ये मल्टीबैगर स्टॉक, निवेशक हैरान, समझिए क्या है पूरा मामला

अगर आपने आज Vesuvius India का स्टॉक देखा और 90 प्रतिशत की गिरावट देखकर चौंक गए, तो पहले रुकिए. यह गिरावट किसी बड़ी मंदी या कंपनी की खराब खबर का असर नहीं है. असल में यह गिरावट शेयर के स्प्लिट (Split) यानी विभाजन के कारण आई है, जो पहले से तय था. 1:10 के अनुपात में हुआ शेयर स्प्लिट Vesuvius India ने मई 2025 में घोषणा की थी कि कंपनी के हर 10 रुपये के एक शेयर को 1 रुपये के 10 शेयरों में विभाजित किया जाएगा. इस 1:10 के स्प्लिट के बाद, मंगलवार को कंपनी का स्टॉक 5,899.5 रुपये से सीधे 598 रुपये पर आ गया. कई ट्रेडिंग ऐप्स इस तकनीकी बदलाव को सही तरीके से अपडेट नहीं कर पाईं, जिसके चलते वहां स्टॉक में 90 फीसदी की गिरावट दिखाई दे रही है, जबकि असल में ऐसा कुछ नहीं है. मल्टीबैगर स्टॉक का प्रदर्शन अब भी दमदार यह वही स्टॉक है जिसने पिछले पांच सालों में करीब 700 फीसदी रिटर्न दिया है. सिर्फ पिछले तीन महीनों में इसमें 44 फीसदी का उछाल आया है, जबकि एक साल में 28 फीसदी की तेजी देखी गई है. मंगलवार को यह स्टॉक 5 फीसदी बढ़कर 630 रुपये तक पहुंचा और कंपनी का मार्केट कैप करीब 13,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया. कंपनी की हिस्सेदारी और निवेशक प्रोफाइल मार्च 2025 तक Vesuvius Group के पास 55.57 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि पब्लिक के पास 44.43 फीसदी शेयर हैं. म्यूचुअल फंड्स ने इसमें 20.75 फीसदी और विदेशी निवेशकों (FPIs) ने 4.14 फीसदी हिस्सेदारी ले रखी है. 26,500 से ज्यादा रिटेल निवेशक इसमें करीब 15 फीसदी शेयर रखते हैं. मुनाफा घटा, लेकिन मार्जिन बेहतर मार्च 2025 की तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 13.7 फीसदी घटकर 59.31 करोड़ रुपये रहा, लेकिन रेवेन्यू में 6.14 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई जो 480.94 करोड़ रुपये पर पहुंचा. खास बात यह रही कि कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन 17 फीसदी तक पहुंच गई है, जो कि बढ़िया संकेत है. कौन है Vesuvius India? 1991 में बनी यह कंपनी refractory प्रोडक्ट्स और कंट्रोल सिस्टम्स बनाती है, जो उद्योगों में मोल्टन मेटल यानी पिघले हुए धातुओं के फ्लो को मैनेज करने के लिए इस्तेमाल होते हैं. यह Vesuvius PLC की सब्सिडियरी है, जो एक ग्लोबल मेटल फ्लो इंजीनियरिंग कंपनी है. आगे की संभावनाएं क्या हैं? ब्रोकरेज हाउस B&K Securities के अनुसार, कंपनी की ग्रोथ मजबूत दिख रही है. फ्लो कंट्रोल प्रोडक्ट्स, VISO प्रोडक्ट्स और नए प्लांट्स की शुरुआत से कंपनी की सेल्स में मजबूती आई है. भारत में स्टील प्रोडक्शन में इजाफा भी कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है. साथ ही, पेरेंट कंपनी का भारत पर बढ़ता फोकस इसके भविष्य को और मजबूत बना रहा है. घबराएं नहीं, समझदारी से निवेश करें Vesuvius India में जो 90 फीसदी की गिरावट दिख रही है, वो असल में सिर्फ एक भ्रम है. कंपनी की वैल्यू, ग्रोथ और पोजिशन बरकरार है. अगर आप इस शेयर में निवेश करते हैं, तो आपको उसके स्प्लिट और टेक्निकल एडजस्टमेंट को समझना जरूरी है, ताकि आप फालतू की घबराहट में कोई गलत फैसला न ले बैठें. डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.) ये भी पढ़ें: IT स्टॉक्स में दिखी तूफानी तेजी, Coforge में रहा सबसे बड़ा उछाल, जानिए क्या है कारण

Jun 10, 2025 - 23:30
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एक ही दिन में 90 फीसदी कैसे गिर गया ये मल्टीबैगर स्टॉक, निवेशक हैरान, समझिए क्या है पूरा मामला

अगर आपने आज Vesuvius India का स्टॉक देखा और 90 प्रतिशत की गिरावट देखकर चौंक गए, तो पहले रुकिए. यह गिरावट किसी बड़ी मंदी या कंपनी की खराब खबर का असर नहीं है. असल में यह गिरावट शेयर के स्प्लिट (Split) यानी विभाजन के कारण आई है, जो पहले से तय था.

1:10 के अनुपात में हुआ शेयर स्प्लिट

Vesuvius India ने मई 2025 में घोषणा की थी कि कंपनी के हर 10 रुपये के एक शेयर को 1 रुपये के 10 शेयरों में विभाजित किया जाएगा. इस 1:10 के स्प्लिट के बाद, मंगलवार को कंपनी का स्टॉक 5,899.5 रुपये से सीधे 598 रुपये पर आ गया. कई ट्रेडिंग ऐप्स इस तकनीकी बदलाव को सही तरीके से अपडेट नहीं कर पाईं, जिसके चलते वहां स्टॉक में 90 फीसदी की गिरावट दिखाई दे रही है, जबकि असल में ऐसा कुछ नहीं है.

मल्टीबैगर स्टॉक का प्रदर्शन अब भी दमदार

यह वही स्टॉक है जिसने पिछले पांच सालों में करीब 700 फीसदी रिटर्न दिया है. सिर्फ पिछले तीन महीनों में इसमें 44 फीसदी का उछाल आया है, जबकि एक साल में 28 फीसदी की तेजी देखी गई है. मंगलवार को यह स्टॉक 5 फीसदी बढ़कर 630 रुपये तक पहुंचा और कंपनी का मार्केट कैप करीब 13,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया.

कंपनी की हिस्सेदारी और निवेशक प्रोफाइल

मार्च 2025 तक Vesuvius Group के पास 55.57 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि पब्लिक के पास 44.43 फीसदी शेयर हैं. म्यूचुअल फंड्स ने इसमें 20.75 फीसदी और विदेशी निवेशकों (FPIs) ने 4.14 फीसदी हिस्सेदारी ले रखी है. 26,500 से ज्यादा रिटेल निवेशक इसमें करीब 15 फीसदी शेयर रखते हैं.

मुनाफा घटा, लेकिन मार्जिन बेहतर

मार्च 2025 की तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 13.7 फीसदी घटकर 59.31 करोड़ रुपये रहा, लेकिन रेवेन्यू में 6.14 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई जो 480.94 करोड़ रुपये पर पहुंचा. खास बात यह रही कि कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन 17 फीसदी तक पहुंच गई है, जो कि बढ़िया संकेत है.

कौन है Vesuvius India?

1991 में बनी यह कंपनी refractory प्रोडक्ट्स और कंट्रोल सिस्टम्स बनाती है, जो उद्योगों में मोल्टन मेटल यानी पिघले हुए धातुओं के फ्लो को मैनेज करने के लिए इस्तेमाल होते हैं. यह Vesuvius PLC की सब्सिडियरी है, जो एक ग्लोबल मेटल फ्लो इंजीनियरिंग कंपनी है.

आगे की संभावनाएं क्या हैं?

ब्रोकरेज हाउस B&K Securities के अनुसार, कंपनी की ग्रोथ मजबूत दिख रही है. फ्लो कंट्रोल प्रोडक्ट्स, VISO प्रोडक्ट्स और नए प्लांट्स की शुरुआत से कंपनी की सेल्स में मजबूती आई है. भारत में स्टील प्रोडक्शन में इजाफा भी कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है. साथ ही, पेरेंट कंपनी का भारत पर बढ़ता फोकस इसके भविष्य को और मजबूत बना रहा है.

घबराएं नहीं, समझदारी से निवेश करें

Vesuvius India में जो 90 फीसदी की गिरावट दिख रही है, वो असल में सिर्फ एक भ्रम है. कंपनी की वैल्यू, ग्रोथ और पोजिशन बरकरार है. अगर आप इस शेयर में निवेश करते हैं, तो आपको उसके स्प्लिट और टेक्निकल एडजस्टमेंट को समझना जरूरी है, ताकि आप फालतू की घबराहट में कोई गलत फैसला न ले बैठें.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

ये भी पढ़ें: IT स्टॉक्स में दिखी तूफानी तेजी, Coforge में रहा सबसे बड़ा उछाल, जानिए क्या है कारण

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