उल्टा पड़ा दांव! रूस से तेल की खरीद पर भारत को 'डबल डिस्काउंट' हुआ ऑफर, अब क्या करेंगे ट्रंप?

Russia Crude Oil Discount: रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिका के 25 परसेंट टैरिफ लगाने के बावजूद भारत आने वाले समय में रूसी कच्चे तेल के आयात को बढ़ाने के लिए तैयार है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीयों सामानों के आयात पर 50 परसेंट टैरिफ लगाया है. अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दे. अमेरिका का तर्क है कि इससे भारत यूक्रेन के साथ जंग में रूस को आर्थिक रूप से मदद दे रहा है. हालांकि, अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत ने अपना रूख बरकरार रखा. भारत का कहना है कि देश में ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसका लिया गया यह फैसला वाणिज्यिक और रणनीतिक रूप से सही है. भारत के लिए रूस का लुभावना ऑफर इधर, अमेरिका के साथ जारी व्यापार वार्ता के बीच आने वाले महीनों में भारत रूसी कच्चे तेल के आयात में तेजी लाने वाला है. यानी कि इससे कहीं न कहीं ट्रंप का दांव उल्टा साबित होते दिख रहा है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस कच्चे तेल के आयात पर भारत को 'डबल डिस्काउंट' देने जा रहा है. रूस ने नवंबर से भारत के लिए ब्रेंट क्रूड की लोडिंग पर प्रति बैरल 2 डॉलर से 2.50 डॉलर तक की छूट की पेशकश की है. यह डिस्काउंट इतना लुभावना है कि इससे अमेरिकी टैरिफ का असर लगभग साफ हो जाएगा. जुलाई-अगस्त में रूस की तरफ से दिया जा रहा डिस्काउंट घटकर करीब 1 डॉलर प्रति बैरल रह गया था. उस दौरान रूस घरेलू बाजार की आवश्यकताओं पर जोर दे रहा था.     ये भी पढ़ें:  व्हाइट हाउस में एक से बढ़कर एक कमाने वाले, जानें राष्ट्रपति ट्रंप को हर महीने मिलती है कितनी सैलरी? 

Oct 10, 2025 - 14:30
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उल्टा पड़ा दांव! रूस से तेल की खरीद पर भारत को 'डबल डिस्काउंट' हुआ ऑफर, अब क्या करेंगे ट्रंप?

Russia Crude Oil Discount: रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिका के 25 परसेंट टैरिफ लगाने के बावजूद भारत आने वाले समय में रूसी कच्चे तेल के आयात को बढ़ाने के लिए तैयार है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीयों सामानों के आयात पर 50 परसेंट टैरिफ लगाया है.

अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दे. अमेरिका का तर्क है कि इससे भारत यूक्रेन के साथ जंग में रूस को आर्थिक रूप से मदद दे रहा है. हालांकि, अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत ने अपना रूख बरकरार रखा. भारत का कहना है कि देश में ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसका लिया गया यह फैसला वाणिज्यिक और रणनीतिक रूप से सही है.

भारत के लिए रूस का लुभावना ऑफर

इधर, अमेरिका के साथ जारी व्यापार वार्ता के बीच आने वाले महीनों में भारत रूसी कच्चे तेल के आयात में तेजी लाने वाला है. यानी कि इससे कहीं न कहीं ट्रंप का दांव उल्टा साबित होते दिख रहा है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस कच्चे तेल के आयात पर भारत को 'डबल डिस्काउंट' देने जा रहा है. रूस ने नवंबर से भारत के लिए ब्रेंट क्रूड की लोडिंग पर प्रति बैरल 2 डॉलर से 2.50 डॉलर तक की छूट की पेशकश की है. यह डिस्काउंट इतना लुभावना है कि इससे अमेरिकी टैरिफ का असर लगभग साफ हो जाएगा. जुलाई-अगस्त में रूस की तरफ से दिया जा रहा डिस्काउंट घटकर करीब 1 डॉलर प्रति बैरल रह गया था. उस दौरान रूस घरेलू बाजार की आवश्यकताओं पर जोर दे रहा था.

 

 

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