इंडिगो क्राइसिस के बाद DGCA ने एयरलाइन को दी थी राहत, आज खत्म हो रही मियाद, अब शुरू होगी असली परीक्षा!

दिसंबर 2025 में क्रू, खासकर पायलट की भारी कमी के चलते इंडिगो एयरलाइन को हजारों की संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं और तब हालात इतने बिगड़ गए थे कि DGCA को एयरलाइन को अस्थायी राहत देनी पड़ी थी, लेकिन आज मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को यह राहत खत्म हो चुकी है. इसके बाद इंडिगो को नए और सख्त फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी FDTL नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा. FDTL नियमों में क्या किया गया था बदलाव? नए नियमों के तहत जो बदलाव था, उसमें पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे अनिवार्य किया गया था. साथ ही, रात में लगातार लैंडिंग की सीमा 6 से घटाकर 2 कर दी गई थी. जिसके बाद इंडिगो में पायलट के कमी के कारण ऑपरेशनल ब्लंडर देखने को मिला था और राहत के बाद फिर नए नियमों का पालन करना होगा. इंडिया ने डीजीसीए के सामने किया दावा वहीं, अब इंडिगो एयरलाइन का दावा है कि उसने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. दिसंबर में जहां एयरलाइन के पास अतिरिक्त क्रू लगभग नहीं था, अब फरवरी में 3 प्रतिशत का क्रू बफर तैयार किया गया है.  इसके अलावा, स्टैंडबाय पायलटों की संख्या भी बढ़ाकर कम से कम 15 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि अचानक किसी पायलट के न आने पर उड़ानें रद्द न हों. मौसम की खराबी के कारण कई उड़ानें रद्द सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इंडिगो एयरलाइन ने अब हर विमान के लिए पर्याप्त पायलट टीम तैयार कर ली है. दिसंबर में यही संख्या 6 से भी कम थी, जिसकी वजह से सिस्टम बिगड़ गया था और 5,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं. उस वक्त DGCA ने इंडिगो पर रिकॉर्ड जुर्माना भी लगाया था. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में जो फ्लाइट रद्द हुईं, उनका बड़ा कारण मौसम खराब होना और एयरस्पेस की दिक्कतें रहीं, न कि पायलटों की कमी. DGCA भी फिलहाल यह कह रहा है कि हाल के हफ्तों में क्रू की वजह से यात्रियों को बड़े स्तर पर परेशानी नहीं हुई है. राहत खत्म होने पर क्या होगी इंडिगो की स्थिति? हालांकि, एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि असली तस्वीर मंगलवार (10 फरवरी, 2026) के बाद अब धीरे-धीरे साफ होगी. नए नियम लागू होने के बाद यह देखना होगा कि इंडिगो बिना राहत के भी अपनी उड़ानें सुचारू रूप से चला पाता है या फिर एक बार फिर से कटौती करनी पड़ती है, क्योंकि DGCA की राहत खत्म होते ही इंडिगो की ऑपरेशनल तैयारियों की असली परीक्षा शुरू हो चुकी है.

Feb 10, 2026 - 20:30
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इंडिगो क्राइसिस के बाद DGCA ने एयरलाइन को दी थी राहत, आज खत्म हो रही मियाद, अब शुरू होगी असली परीक्षा!

दिसंबर 2025 में क्रू, खासकर पायलट की भारी कमी के चलते इंडिगो एयरलाइन को हजारों की संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं और तब हालात इतने बिगड़ गए थे कि DGCA को एयरलाइन को अस्थायी राहत देनी पड़ी थी, लेकिन आज मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को यह राहत खत्म हो चुकी है. इसके बाद इंडिगो को नए और सख्त फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी FDTL नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा.

FDTL नियमों में क्या किया गया था बदलाव?

नए नियमों के तहत जो बदलाव था, उसमें पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे अनिवार्य किया गया था. साथ ही, रात में लगातार लैंडिंग की सीमा 6 से घटाकर 2 कर दी गई थी. जिसके बाद इंडिगो में पायलट के कमी के कारण ऑपरेशनल ब्लंडर देखने को मिला था और राहत के बाद फिर नए नियमों का पालन करना होगा.

इंडिया ने डीजीसीए के सामने किया दावा

वहीं, अब इंडिगो एयरलाइन का दावा है कि उसने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. दिसंबर में जहां एयरलाइन के पास अतिरिक्त क्रू लगभग नहीं था, अब फरवरी में 3 प्रतिशत का क्रू बफर तैयार किया गया है.  इसके अलावा, स्टैंडबाय पायलटों की संख्या भी बढ़ाकर कम से कम 15 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि अचानक किसी पायलट के न आने पर उड़ानें रद्द न हों.

मौसम की खराबी के कारण कई उड़ानें रद्द

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इंडिगो एयरलाइन ने अब हर विमान के लिए पर्याप्त पायलट टीम तैयार कर ली है. दिसंबर में यही संख्या 6 से भी कम थी, जिसकी वजह से सिस्टम बिगड़ गया था और 5,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं. उस वक्त DGCA ने इंडिगो पर रिकॉर्ड जुर्माना भी लगाया था.

हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में जो फ्लाइट रद्द हुईं, उनका बड़ा कारण मौसम खराब होना और एयरस्पेस की दिक्कतें रहीं, न कि पायलटों की कमी. DGCA भी फिलहाल यह कह रहा है कि हाल के हफ्तों में क्रू की वजह से यात्रियों को बड़े स्तर पर परेशानी नहीं हुई है.

राहत खत्म होने पर क्या होगी इंडिगो की स्थिति?

हालांकि, एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि असली तस्वीर मंगलवार (10 फरवरी, 2026) के बाद अब धीरे-धीरे साफ होगी. नए नियम लागू होने के बाद यह देखना होगा कि इंडिगो बिना राहत के भी अपनी उड़ानें सुचारू रूप से चला पाता है या फिर एक बार फिर से कटौती करनी पड़ती है, क्योंकि DGCA की राहत खत्म होते ही इंडिगो की ऑपरेशनल तैयारियों की असली परीक्षा शुरू हो चुकी है.

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