आईड्रॉप ही बन सकती है आंख के इंफेक्शन की वजह, जान लीजिए कौन सी गलती पड़ सकती है भारी

आई ड्रॉप का यूज आंखों की कई बीमारियों जैसे इंफेक्शन, सूजन, ग्लूकोमा आदि के इलाज में किया जाता है. लेकिन कई बार आई ड्रॉप की थोड़ी सी मात्रा भी शरीर के दूसरे हिस्सों पर असर डाल सकती है और कुछ साइड इफेक्ट भी पैदा कर सकती है. इसलिए यह जरूरी है कि आई ड्रॉप को सही तरीके से डाला जाए, ताकि उसका असर बढ़े, साइड इफेक्ट कम हो और दवा ज्यादा सुरक्षित और असरदार बने क्योंकि अगर आईड्रोप को गलत तरीके से डाला जाएगा तो इससे आईड्रॉप ही आंख के इंफेक्शन की वजह बन सकती है. आई ड्रॉप से फायदा तभी होता है जब आप इसे सही तरीके से और सावधानी से इस्तेमाल करें. ऐसे में चलिए जानते हैं कि आईड्रॉप डालते समय कौन सी गलती भारी पड़ सकती है.कौन सी गलती करते हैं आईड्रॉप डालते समय एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप का यूज करना एक बड़ी गलती है. ​अगर आप स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक ड्रॉप्स बिना डॉक्टर से पूछे लगाते हैं, तो इससे मोतियाबिंद, ग्लूकोमा जैसी बीमारियां हो सकती हैं. इसके अलावा, आपकी आंखों में दवाओं का असर भी धीरे-धीरे कम हो सकता है. इसके बाद आईड्रॉप से आंख छूना या गंदे हाथों से लगाना भी गलत माना जाता है. अगर ड्रॉपर आंख से टच हो जाए या आप गंदे हाथों से आई ड्रॉप लगाएं, तो इससे इंफेक्शन हो सकता है. एक्सपायर या खुली हुई पुरानी ड्रॉप्स का इस्तेमाल करना भी इंफेक्शन का कारण बन सकता है. वहीं अगर आप लेंस पहनते हैं तो, आई ड्रॉप लगाने से पहले लेंस निकाल दें. ​इसके साथ ही आई ड्रॉप डालने के बाद तुरंत आंखें न बंद करना भी आंख के इंफेक्शन की वजह बन सकती है.आई ड्रॉप डालने का सही तरीका आई ड्रॉप डालने का सही तरीका यह है कि सबसे पहले सिर को पीछे की तरफ झुकाएं, फिर नीचे वाली पलक को नीचे खींचें या हल्के से बाहर की ओर खींचें, इसके बाद आईड्रॉप डालें, लेकिन ड्रॉप डालते समय ध्यान रखें कि ड्रॉपर को आंख या पलक से टच न करें, वरना बोतल में गंदगी जा सकती है. वहीं ड्रॉप डालने के बाद आंखें बंद कर लें, लेकिन बिना ज्यादा दबाव डाले. यह भी पढ़े : बदलते मौसम में रोजाना पिएं दालचीनी का पानी, एक नहीं इन 6 बीमारियों की हो जाएगी छुट्टी

Jun 28, 2025 - 10:30
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आईड्रॉप ही बन सकती है आंख के इंफेक्शन की वजह, जान लीजिए कौन सी गलती पड़ सकती है भारी

आई ड्रॉप का यूज आंखों की कई बीमारियों जैसे इंफेक्शन, सूजन, ग्लूकोमा आदि के इलाज में किया जाता है. लेकिन कई बार आई ड्रॉप की थोड़ी सी मात्रा भी शरीर के दूसरे हिस्सों पर असर डाल सकती है और कुछ साइड इफेक्ट भी पैदा कर सकती है. इसलिए यह जरूरी है कि आई ड्रॉप को सही तरीके से डाला जाए, ताकि उसका असर बढ़े, साइड इफेक्ट कम हो और दवा ज्यादा सुरक्षित और असरदार बने क्योंकि अगर आईड्रोप को गलत तरीके से डाला जाएगा तो इससे आईड्रॉप ही आंख के इंफेक्शन की वजह बन सकती है. आई ड्रॉप से फायदा तभी होता है जब आप इसे सही तरीके से और सावधानी से इस्तेमाल करें. ऐसे में चलिए जानते हैं कि आईड्रॉप डालते समय कौन सी गलती भारी पड़ सकती है.

कौन सी गलती करते हैं आईड्रॉप डालते समय

एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप का यूज करना एक बड़ी गलती है. ​अगर आप स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक ड्रॉप्स बिना डॉक्टर से पूछे लगाते हैं, तो इससे मोतियाबिंद, ग्लूकोमा जैसी बीमारियां हो सकती हैं. इसके अलावा, आपकी आंखों में दवाओं का असर भी धीरे-धीरे कम हो सकता है. इसके बाद आईड्रॉप से आंख छूना या गंदे हाथों से लगाना भी गलत माना जाता है. अगर ड्रॉपर आंख से टच हो जाए या आप गंदे हाथों से आई ड्रॉप लगाएं, तो इससे इंफेक्शन हो सकता है.

एक्सपायर या खुली हुई पुरानी ड्रॉप्स का इस्तेमाल करना भी इंफेक्शन का कारण बन सकता है. वहीं अगर आप लेंस पहनते हैं तो, आई ड्रॉप लगाने से पहले लेंस निकाल दें. ​इसके साथ ही आई ड्रॉप डालने के बाद तुरंत आंखें न बंद करना भी आंख के इंफेक्शन की वजह बन सकती है.

आई ड्रॉप डालने का सही तरीका

आई ड्रॉप डालने का सही तरीका यह है कि सबसे पहले सिर को पीछे की तरफ झुकाएं, फिर नीचे वाली पलक को नीचे खींचें या हल्के से बाहर की ओर खींचें, इसके बाद आईड्रॉप डालें, लेकिन ड्रॉप डालते समय ध्यान रखें कि ड्रॉपर को आंख या पलक से टच न करें, वरना बोतल में गंदगी जा सकती है. वहीं ड्रॉप डालने के बाद आंखें बंद कर लें, लेकिन बिना ज्यादा दबाव डाले.

यह भी पढ़े : बदलते मौसम में रोजाना पिएं दालचीनी का पानी, एक नहीं इन 6 बीमारियों की हो जाएगी छुट्टी

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