अब ये विभाग भी हटवा सकते हैं सोशल मीडिया से कंटेंट, मोदी सरकार का बड़ा फैसला

सोशल मीडिया पर कंटेंट ब्लॉक करने की ताकत जल्द ही कई और सरकारी विभागों को मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक IT Act में बदलाव को लेकर अलग-अलग मंत्रालयों के बीच बातचीत चल रही है. इसके तहत गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सूचना-प्रसारण मंत्रालय को Instagram, Facebook और YouTube जैसी सोशल मीडिया कंपनियों को सीधे कंटेंट हटाने का आदेश देने का हक मिल सकता है. अभी यह काम सिर्फ IT मंत्रालय कर सकता है. अभी कैसे होता है काम?अभी अगर किसी मंत्रालय को कोई कंटेंट हटवाना हो तो उसे पहले IT मंत्रालय को अर्जी देनी पड़ती है. वहां एक कमेटी उस अर्जी को देखती है और फिर सोशल मीडिया कंपनियों को हटाने का आदेश जाता है. सूत्रों का कहना है कि इतनी ज्यादा अर्जियां आ रही हैं कि IT मंत्रालय वक्त पर फैसला नहीं कर पा रहा और यही इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है. AI कंटेंट ने बढ़ाई मुश्किलइस बदलाव की एक और बड़ी वजह है इंटरनेट पर AI से बनाई गई फर्जी और भ्रामक सामग्री का तेजी से फैलना. माना जा रहा है कि ऐसे कंटेंट से जल्दी निपटने के लिए यह व्यवस्था जरूरी हो गई है. सूत्रों के मुताबिक बात सिर्फ पांच मंत्रालयों तक नहीं रुक सकती. SEBI जैसे नियामकों को भी सीधे टेकडाउन ऑर्डर देने का अधिकार मिल सकता है. SEBI काफी समय से influencers के जरिए फैलाई जा रही गलत वित्तीय जानकारी पर चिंता जताता रहा है. IT Act की धारा 79 (3) (b) के तहत Sahyog पोर्टल के जरिए केंद्र और राज्यों की कई एजेंसियां पहले से सोशल मीडिया कंपनियों को सीधे कंटेंट हटाने का आदेश दे सकती हैं. अब धारा 69 (A) को भी उसी तरह से काम करने लायक बनाने पर विचार हो रहा है. 2-3 घंटे वाले नियम के बाद अब यह कदमपिछले महीने ही सरकार ने सोशल मीडिया से कंटेंट हटाने की समय सीमा 24-36 घंटे से घटाकर सिर्फ 2-3 घंटे कर दी है. इसके बाद से कई यूजर्स ने शिकायत की है कि सोशल मीडिया कंपनियां दबाव में आकर व्यंग्य और सरकार की आलोचना वाले सामान्य पोस्ट भी हटा रही हैं. ये भी पढ़ें हैदराबाद में थाली में परोसा जा रहा जहर! 800 किलो सड़ा चिकन बरामद, रमजान में रेस्तरां में होती थी सप्लाई

Mar 18, 2026 - 10:30
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अब ये विभाग भी हटवा सकते हैं सोशल मीडिया से कंटेंट, मोदी सरकार का बड़ा फैसला

सोशल मीडिया पर कंटेंट ब्लॉक करने की ताकत जल्द ही कई और सरकारी विभागों को मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक IT Act में बदलाव को लेकर अलग-अलग मंत्रालयों के बीच बातचीत चल रही है. इसके तहत गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सूचना-प्रसारण मंत्रालय को Instagram, Facebook और YouTube जैसी सोशल मीडिया कंपनियों को सीधे कंटेंट हटाने का आदेश देने का हक मिल सकता है. अभी यह काम सिर्फ IT मंत्रालय कर सकता है.

अभी कैसे होता है काम?
अभी अगर किसी मंत्रालय को कोई कंटेंट हटवाना हो तो उसे पहले IT मंत्रालय को अर्जी देनी पड़ती है. वहां एक कमेटी उस अर्जी को देखती है और फिर सोशल मीडिया कंपनियों को हटाने का आदेश जाता है. सूत्रों का कहना है कि इतनी ज्यादा अर्जियां आ रही हैं कि IT मंत्रालय वक्त पर फैसला नहीं कर पा रहा और यही इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है.

AI कंटेंट ने बढ़ाई मुश्किल
इस बदलाव की एक और बड़ी वजह है इंटरनेट पर AI से बनाई गई फर्जी और भ्रामक सामग्री का तेजी से फैलना. माना जा रहा है कि ऐसे कंटेंट से जल्दी निपटने के लिए यह व्यवस्था जरूरी हो गई है. सूत्रों के मुताबिक बात सिर्फ पांच मंत्रालयों तक नहीं रुक सकती. SEBI जैसे नियामकों को भी सीधे टेकडाउन ऑर्डर देने का अधिकार मिल सकता है. SEBI काफी समय से influencers के जरिए फैलाई जा रही गलत वित्तीय जानकारी पर चिंता जताता रहा है.

IT Act की धारा 79 (3) (b) के तहत Sahyog पोर्टल के जरिए केंद्र और राज्यों की कई एजेंसियां पहले से सोशल मीडिया कंपनियों को सीधे कंटेंट हटाने का आदेश दे सकती हैं. अब धारा 69 (A) को भी उसी तरह से काम करने लायक बनाने पर विचार हो रहा है.

2-3 घंटे वाले नियम के बाद अब यह कदम
पिछले महीने ही सरकार ने सोशल मीडिया से कंटेंट हटाने की समय सीमा 24-36 घंटे से घटाकर सिर्फ 2-3 घंटे कर दी है. इसके बाद से कई यूजर्स ने शिकायत की है कि सोशल मीडिया कंपनियां दबाव में आकर व्यंग्य और सरकार की आलोचना वाले सामान्य पोस्ट भी हटा रही हैं.

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